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बदला रेलवे के ठेके का खेल: तब गोलियां राज खोलती थीं...अब ठेकेदार उठा रहे पर्दा

Fri, 15 Dec 2023 11:33 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 15 Dec 2023 11:33 AM IST
सार

जांच में यह बात सामने आई कि जेम पोर्टल के जरिये रेलवे का टेंडर हासिल करने वाली फर्म के मालिक से सात लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले के बाद से ही सीबीआई की एंटी करप्शन टीम लगातार गोरखपुर रेलवे मुख्यालय पर नजर जमाए हुए है।

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game of railway contracts changed bullets used to reveal secret now contractors raising curtain
रेलवे का लेखा विभाग कार्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पहले रेलवे के ठेके को लेकर बड़े-बड़े माफिया आमने-सामने आते थे। इससे निपटने के लिए व्यवस्था बदली तो माफिया की जगह दलालों ने सिस्टम को अपनी गिरफ्त में ले लिया। मतलब यह कि व्यवस्था बदलने के साथ-साथ तरीका तो बदल गया, लेकिन जिस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कवायद की गई, वह जस का तस रह गया। फर्क इतना है कि तब गोलियां राज खोलती थीं और अब ठेकेदार पर्दा उठा रहे हैं।

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पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर है। निर्माण से लेकर सामग्री खरीद और सफाई आदि तक के सभी कार्यों के टेंडर यहीं से होते हैं। बीते 12 सितंबर को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (प्रिंसिपल चीफ मैटीरियल मैनेजर) केसी जोशी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया था।
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जांच में यह बात सामने आई कि जेम पोर्टल के जरिये रेलवे का टेंडर हासिल करने वाली फर्म के मालिक से सात लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले के बाद से ही सीबीआई की एंटी करप्शन टीम लगातार गोरखपुर रेलवे मुख्यालय पर नजर जमाए हुए है। अक्तूबर में सीबीआई की टीम ने चार दिन तक अलग-अलग विभागों में जाकर रिकाॅर्ड एकत्रित किया।
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हालांकि, रेल प्रशासन ने इस जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। इसके बाद विजिलेंस टीम ने भी रिकॉर्ड खंगाले और तब भी रेलवे के अफसर इसे रूटीन चेकिंग बताते रहे। पिछले महीने कई बड़े अफसरों का तबादला हो गया। इसे रूटीन ट्रांसफर का हिस्सा बताया गया।

इसके बाद बृहस्पतिवार को फिर अचानक सीबीआई की एंटी करप्शन टीम पहुंची और एक कर्मचारी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रेलवे के अफसर अब भी इन मामलों में कार्रवाई की जानकारी से इंकार कर रहे हैं।

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सब जानते हैं, लेकिन टालते हैं बात
रेलवे में हो रही कार्रवाई से अफसर से लेकर कर्मचारी तक सब वाकिफ हैं। बृहस्पतिवार की शाम को भी जैसे ही सीबीआई की टीम गिरफ्तार कर्मचारी और बिचौलिए को लेकर रेलवे दफ्तर से बाहर निकली, चर्चा शुरू हो गई। अफसर और कर्मचारी इस मामले की तह तक जाने के लिए एक दूसरे को फोन करने लगे। कुछ ही देर में चर्चा होने लगी कि एक ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई हुई है।

सीबीआई की एंटी करप्शन टीम यहां से अपना काम कर लौट चुकी है। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। अफसर और कर्मचारी इस बात को लेकर आशंकित हैं कि अभी और कितने लोग लपेटे में आएंगे। क्योंकि पुराने मामलों की पड़ताल से सीबीआई को काफी कुछ जानकारी मिल चुकी है।
 

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