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Gorakhpur News: बोगस फर्मों से जीएसटी चोरी का खेल, धंधेबाजों के आगे सारी कवायद फेल

Thu, 07 Sep 2023 01:37 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 07 Sep 2023 01:37 PM IST
सार

एडिश्नल कमिश्नर (ग्रेड टू) ने बताया कि व्यापारी नियमानुसार पंजीकरण करवाने के साथ ई-वे बिल और नियमों के साथ व्यापार करें। एआई के जरिए मिलने वाले डाटा पर एसआईबी की टीम निगरानी करेगी। फर्जी फर्मों की जांच अभियान चलाकर की जाएगी।

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Game of GST evasion from bogus firms all efforts failed in front of businessmen
GST - फोटो : Istock

विस्तार

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग का स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एसआईबी) मंडल में सक्रिय करीब 1000 बोगस फर्मों पर शिकंजा कसने के लिए आर्टिफिशयल इंटिलिजेंस (एआई) का सहारा ले रहा है। लेकिन, धंधेबाज इससे भी बचने का तोड़ निकाल ले रहे हैं।

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अब विभाग की ओर से जांच के घेरे में आईं फर्जी पंजीकरण वाली बोगस फर्मों के कागजात की निगरानी की जा रही है। इसी से व्यापारियों के नाम और फर्म की सूचनाएं एआई टूल पर भेजी जाएंगी। इससे पता चलेगा कि व्यापारी ई-वे बिल के साथ कारोबार कर रहे हैं या नहीं।
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दरअसल, विभाग के पोर्टल पर हर पंजीकृत व्यापारी की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रहता है। हर माह इस डाटा की पड़ताल की जाती है। वहीं, बिजनेस इंटेलीजेंस एंड फ्राड एनालिसिस (बीफा) सॉफ्टवेयर की मदद से कर चोरी करने वालों की निगरानी होती।
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इसके जरिए नए पंजीकृत व्यापारी द्वारा हाई वैल्यू (40 लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री) के ई-वे बिल बनाने और उसके उपयोग की जांच होती है। इसके अलावा नाॅन फाइलर (अपंजीकृत) के टर्नओवर की समीक्षा करते हुए रिटर्न दाखिल करने के साथ देय राजस्व जमा हुआ या नहीं, इस पर भी निगाह रहती है। इन नियमों का पालन नहीं करने वाली फर्म भी एआई के निशाने पर आ जाती हैं।

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एडिश्नल कमिश्नर (ग्रेड टू) ने बताया कि व्यापारी नियमानुसार पंजीकरण करवाने के साथ ई-वे बिल और नियमों के साथ व्यापार करें। एआई के जरिए मिलने वाले डाटा पर एसआईबी की टीम निगरानी करेगी। फर्जी फर्मों की जांच अभियान चलाकर की जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों पर जुर्माने के साथ फर्म के अपंजीकृत होने का खतरा बना रहेगा।
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