खुशखबर: दशहरे तक रखी जाएगी वेटनरी कॉलेज की आधारशिला, खाद कारखाने के पास चिह्नित की गई है जमीन
वेटनरी कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ संजय ने कहा कि वेटनरी कॉलेज के लिए खाद कारखाना और भटहट में आयुष विश्वविद्यालय के पास जमीन चिह्नित की गई है। विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। उन्हें जमीन पसंद आई है। एक से दो दिन में जमीन फाइनल हो जाएगी।
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गोरखपुर में वेटनरी कॉलेज के लिए खाद कारखाना के पास जमीन चिह्नित करने के बाद अब इसे अंतिम मंजूरी देने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दशहरे तक कॉलेज की आधारशिला रख दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की तरफ से कॉलेज के निर्माण के लिए बनाई गई 425 करोड़ रुपये के प्रारंभिक डीपीआर को व्यय वित्त समिति की मंजूरी मिल चुकी है। मुफीद जमीन की तलाश में पहले ही देर होने की वजह से अब इसे जल्द पूरा कराने पर जोर है।
पशुओं को बीमारियों से बचाने में मिलेगी मदद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस कॉलेज के खुलने से पशुपालकों को न केवल इस सेक्टर की नवीन प्रविधियों का लाभ मिलेगा बल्कि पशुओं को बीमारियों से बचाने में भी काफी मदद मिलेगी। जानवरों से मनुष्य एवं मनुष्यों से जानवरों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज एनआईबी एवं पशु चिकित्सा महाविद्यालय मिलकर काम करेंगे।
100 सीटों से होगी कॉलेज की शुरूआत
गोरखपुर के वेटनरी मेडिकल कॉलेज में शुरू के वर्षों में 100 सीट के साथ अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किए जाएंगे। बाद के वर्षों में यहां पोस्ट ग्रेजुएट एवं डॉक्टरेट के कोर्स भी चलेंगे। इस कॉलेज को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान केंद्र मथुरा से संबद्ध किया जाएगा। यहां आने वाले वर्षों में फिशरीज, फॉरेस्ट्री एवं डेयरी के कोर्स भी चलाए जाएंगे।
वेटनरी मेडिकल कॉलेज का स्वरूप ऐसा रखा जाएगा कि भविष्य में यह विश्वविद्यालय का भी रूप ले सके। चिह्नित जमीन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को हरी झंडी दिखाने के लिए जल्द ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा महाविद्यालय एवं गो अनुसंधान केंद्र मथुरा के कुलपति का दौरा होगा।
वेटनरी कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ संजय ने कहा कि वेटनरी कॉलेज के लिए खाद कारखाना और भटहट में आयुष विश्वविद्यालय के पास जमीन चिह्नित की गई है। विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। उन्हें जमीन पसंद आई है। एक से दो दिन में जमीन फाइनल हो जाएगी। 435 करोड़ रुपये का डीपीआर पहले ही स्वीकृत हो चुका है। बाउंड्रीवाल के लिए करीब 40 करोड़ रुपये भी मिल चुके हैं। जमीन पर अंतिम मुहर लगते ही शिलान्यास हो जाएगा। दो महीने में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने में करीब दो साल लगेंगे।