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Gorakhpur News: एनआईआरएफ के टॉप-100 विश्वविद्यालयों में पहली बार एमएमएमयूटी
Tue, 13 Aug 2024 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 13 Aug 2024 02:11 AM IST
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तीन श्रेणी में विश्वविद्यालय ने बनाई रैंकिंग में जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में टॉप-100 में स्थान बनाकर इतिहास रचा है। एमएमएमयूटी ने देशभर के विश्वविद्यालयों में 94वां स्थान हासिल किया है। वहीं, इंजीनियरिंग में 84वां और देश के राज्य विश्वविद्यालयों में 40वां स्थान प्राप्त किया है।
इंजीनियरिंग श्रेणी के टॉप-100 में एमएमएमयूटी, उत्तर प्रदेश का एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय (84वां स्थान) है। इंजीनियरिंग श्रेणी में अन्य संस्थान या तो केंद्रीय हैं या निजी। एमएमएमयूटी पिछले कई वर्षों से एनआईआरएफ में कोई स्थान बनाने में नाकाम रहा था। वर्ष 2020 में पहली बार टॉप-200 में जगह बनाई थी। तब विश्वविद्यालय को 183वां स्थान मिला था। उसके अगले वर्ष 2021 में 251-300 के बैंड में जगह मिली थी। उसके बाद रैंकिंग से करीब बाहर ही हो गया था।
इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों ने एक दूसरे को बधाई देकर खुशी का इजहार किया।
तीन श्रेणी में किया था आवेदन
एमएमएमयूटी ने पहली बार तीन कैटेगरी में रैंकिंग के लिए आवेदन किया था। इंजीनियरिंग संस्थान, विश्वविद्यालय श्रेणी और इनोवेशन। इनोवेशन में सिर्फ टॉप-10 संस्थानों की ही सूची जारी की गई है। इसलिए एमएमएमयूटी को कौन सा स्थान मिला, यह अभी पता नहीं चल सका है। अन्य दो श्रेणियों में स्थान बनाने में विश्वविद्यालय को सफलता मिली है।
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टॉप 100 में प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय
टॉप-100 में उत्तर प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय ही जगह बनाने में सफल हुए हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम स्थान पर है। एमएमएमयूटी दूसरे और लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है। सरकारी राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में टॉप-50 में उत्तर प्रदेश के मात्र तीन राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वितीय व एमएमएमयूटी (40वां स्थान) तीसरे स्थान पर रहे हैं।
इन मानकों पर खरा उतरा विश्वविद्यालय
एमएमएमयूटी के आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. वीएल गोले के अनुसार, एनआईआरएफ की ओर से विभिन्न मानकों जैसे छात्र-छात्राओं की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, संसाधनों की उपलब्धता एवं सदुपयोग, शिक्षकों एवं शोध छात्रों द्वारा प्रकाशित किए जा रहे शोध की संख्या एवं गुणवत्ता, पेटेंट, छात्रों की प्लेसमेंट, परीक्षा का स्तर, अन्य राज्यों-राष्ट्रों के छात्रों, महिलाओं, और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व आदि मानकों पर किसी भी संस्थान को परखा जाता है। इन मानकों में प्रदर्शन के आधार पर संस्थाओं को अंक प्रदान किए जाते हैं। सभी संस्थान को मिले अंकों के आधार पर रैंकिंग की जाती है।
सभी की मेहनत का परिणाम : कुलपति
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों एवं पुरातन छात्रों को बधाई दी। उन्होंने आईक्यूएसी और रैंकिंग सेल को बधाई देते हुए कहा कि सभी की मेहनत से यह परिणाम आया है। इस रैंकिंग को और ऊपर ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर हम सभी को कार्य करना है। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार सभी राज्य विश्वविद्यालयों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए प्रेरित किया। उनका मार्गदर्शन और सहयोग भी लगातार मिल रहा था। विश्वविद्यालय परिवार कुलाधिपति और मुख्यमंत्री का आभारी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में टॉप-100 में स्थान बनाकर इतिहास रचा है। एमएमएमयूटी ने देशभर के विश्वविद्यालयों में 94वां स्थान हासिल किया है। वहीं, इंजीनियरिंग में 84वां और देश के राज्य विश्वविद्यालयों में 40वां स्थान प्राप्त किया है।
इंजीनियरिंग श्रेणी के टॉप-100 में एमएमएमयूटी, उत्तर प्रदेश का एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय (84वां स्थान) है। इंजीनियरिंग श्रेणी में अन्य संस्थान या तो केंद्रीय हैं या निजी। एमएमएमयूटी पिछले कई वर्षों से एनआईआरएफ में कोई स्थान बनाने में नाकाम रहा था। वर्ष 2020 में पहली बार टॉप-200 में जगह बनाई थी। तब विश्वविद्यालय को 183वां स्थान मिला था। उसके अगले वर्ष 2021 में 251-300 के बैंड में जगह मिली थी। उसके बाद रैंकिंग से करीब बाहर ही हो गया था।
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इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों ने एक दूसरे को बधाई देकर खुशी का इजहार किया।
तीन श्रेणी में किया था आवेदन
एमएमएमयूटी ने पहली बार तीन कैटेगरी में रैंकिंग के लिए आवेदन किया था। इंजीनियरिंग संस्थान, विश्वविद्यालय श्रेणी और इनोवेशन। इनोवेशन में सिर्फ टॉप-10 संस्थानों की ही सूची जारी की गई है। इसलिए एमएमएमयूटी को कौन सा स्थान मिला, यह अभी पता नहीं चल सका है। अन्य दो श्रेणियों में स्थान बनाने में विश्वविद्यालय को सफलता मिली है।
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टॉप 100 में प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय
टॉप-100 में उत्तर प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय ही जगह बनाने में सफल हुए हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम स्थान पर है। एमएमएमयूटी दूसरे और लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है। सरकारी राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में टॉप-50 में उत्तर प्रदेश के मात्र तीन राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वितीय व एमएमएमयूटी (40वां स्थान) तीसरे स्थान पर रहे हैं।
इन मानकों पर खरा उतरा विश्वविद्यालय
एमएमएमयूटी के आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. वीएल गोले के अनुसार, एनआईआरएफ की ओर से विभिन्न मानकों जैसे छात्र-छात्राओं की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, संसाधनों की उपलब्धता एवं सदुपयोग, शिक्षकों एवं शोध छात्रों द्वारा प्रकाशित किए जा रहे शोध की संख्या एवं गुणवत्ता, पेटेंट, छात्रों की प्लेसमेंट, परीक्षा का स्तर, अन्य राज्यों-राष्ट्रों के छात्रों, महिलाओं, और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व आदि मानकों पर किसी भी संस्थान को परखा जाता है। इन मानकों में प्रदर्शन के आधार पर संस्थाओं को अंक प्रदान किए जाते हैं। सभी संस्थान को मिले अंकों के आधार पर रैंकिंग की जाती है।
सभी की मेहनत का परिणाम : कुलपति
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों एवं पुरातन छात्रों को बधाई दी। उन्होंने आईक्यूएसी और रैंकिंग सेल को बधाई देते हुए कहा कि सभी की मेहनत से यह परिणाम आया है। इस रैंकिंग को और ऊपर ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर हम सभी को कार्य करना है। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार सभी राज्य विश्वविद्यालयों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए प्रेरित किया। उनका मार्गदर्शन और सहयोग भी लगातार मिल रहा था। विश्वविद्यालय परिवार कुलाधिपति और मुख्यमंत्री का आभारी है।