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Gorakhpur News: देशभर के 321 चयनित शोधार्थियों में बीआरडी के पांच शामिल
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गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा के साथ शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की पीजी थीसिस सहायता अनुदान योजना में इस वर्ष बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पांच शोध प्रस्ताव चयनित हुए हैं।
देशभर में कुल 321 पीजी शोधार्थियों को थीसिस के लिए एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पिछले वर्ष बीआरडी से केवल एक प्रस्ताव चयनित हुआ था।
इस वर्ष कॉलेज की ओर से विभिन्न विभागों से 15 प्रस्ताव भेजे गए थे जिनमें से पांच का चयन हुआ। चयनित शोधार्थी शरीर रचना विज्ञान, अस्थि रोग, चिकित्सा और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से हैं। शरीर रचना विज्ञान में प्रो. डॉ. बिंदु सिंह के मार्गदर्शन में मोहम्मद शमीम अंसारी तथा प्रो. डॉ. योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में चंद्र शेखर के शोध प्रस्ताव चयनित हुए हैं।
दोनों शोध औषधियों के एकल और संयुक्त उपयोग से संभावित विषाक्त प्रभावों के प्रायोगिक अध्ययन पर केंद्रित हैं। अस्थि रोग विभाग में प्रो. डॉ. पवन प्रधान के मार्गदर्शन में सौरभ कुमार पांडेय का फाइब्रोमायल्जिया और आंतों की पारगम्यता से जुड़े जैव-सूचकों पर शोध चयनित हुआ है। चिकित्सा विभाग में प्रो. डॉ. राज किशोर सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. सौरभ उपाध्याय का नियंत्रित टाइप-2 मधुमेह में अश्वगंधा के सेवन के प्रभाव से संबंधित अध्ययन शामिल है। वहीं, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में प्रो. डॉ. रूमा सरकार के मार्गदर्शन में ऊर्जा का गर्भावस्था में प्लेटलेट-कमी से जुड़े सूचकांकों पर शोध चयनित हुआ है।
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प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने चयनित शोधार्थियों और मार्गदर्शकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीजी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है।
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देशभर में कुल 321 पीजी शोधार्थियों को थीसिस के लिए एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पिछले वर्ष बीआरडी से केवल एक प्रस्ताव चयनित हुआ था।
इस वर्ष कॉलेज की ओर से विभिन्न विभागों से 15 प्रस्ताव भेजे गए थे जिनमें से पांच का चयन हुआ। चयनित शोधार्थी शरीर रचना विज्ञान, अस्थि रोग, चिकित्सा और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से हैं। शरीर रचना विज्ञान में प्रो. डॉ. बिंदु सिंह के मार्गदर्शन में मोहम्मद शमीम अंसारी तथा प्रो. डॉ. योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में चंद्र शेखर के शोध प्रस्ताव चयनित हुए हैं।
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दोनों शोध औषधियों के एकल और संयुक्त उपयोग से संभावित विषाक्त प्रभावों के प्रायोगिक अध्ययन पर केंद्रित हैं। अस्थि रोग विभाग में प्रो. डॉ. पवन प्रधान के मार्गदर्शन में सौरभ कुमार पांडेय का फाइब्रोमायल्जिया और आंतों की पारगम्यता से जुड़े जैव-सूचकों पर शोध चयनित हुआ है। चिकित्सा विभाग में प्रो. डॉ. राज किशोर सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. सौरभ उपाध्याय का नियंत्रित टाइप-2 मधुमेह में अश्वगंधा के सेवन के प्रभाव से संबंधित अध्ययन शामिल है। वहीं, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में प्रो. डॉ. रूमा सरकार के मार्गदर्शन में ऊर्जा का गर्भावस्था में प्लेटलेट-कमी से जुड़े सूचकांकों पर शोध चयनित हुआ है।
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प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने चयनित शोधार्थियों और मार्गदर्शकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीजी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है।