ग्रह गोचर: बुध-शुक्र फलदायी, मंगल-सूर्य की युति बढ़ाएगी झंझट; इस महीने पांच ग्रहों का होना है राशि परिवर्तन
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि एक अक्तूबर को बुध ग्रह अपनी स्वग्रही राशि कन्या में पहुंच चुके हैं। ये लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे। इससे बाजार को मजबूती मिलेगी।
विस्तार
ज्योतिष के लिहाज से अक्तूबर का महीना काफी महत्वपूर्ण है। इस महीने पांच ग्रहों का राशि परिवर्तन होना है, जिसकी शुरुआत एक अक्तूबर से हो चुकी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस राशि परिवर्तन से लोगों के जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह से असर पड़ेगा। बुध-शुक्र फलदायी होंगे तो मंगल-सूर्य की युति झंझट बढ़ाएगी।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि एक अक्तूबर को बुध ग्रह अपनी स्वग्रही राशि कन्या में पहुंच चुके हैं। ये लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे। इससे बाजार को मजबूती मिलेगी। जब ग्रह अपनी राशि में होते हैं तो सभी को कुछ न कुछ अच्छा फल देते हैं।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनी फरियाद, पीड़ितों के तुरंत सहयोग के निर्देश
दो अक्तूबर को शुक्र ग्रह, सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं। सिंह सूर्य की राशि है, जिसका शुक्र के साथ शत्रु भाव होता है। इससे रिश्तों में दूरियां आएंगी। तीन अक्तूबर को मंगल ग्रह ने तुला में प्रवेश किया है। यहां मंगल की युति केतु के साथ हो रही है और राहु की पूर्ण दृष्टि है। इससे आपराधिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 18 अक्तूबर को सूर्य तुला राशि में जा रहे हैं, यहां वह मंगल व केतु के साथ होंगे। ये स्थिति लोगों के लिए अच्छा नहीं होने वाला है। इससे रिश्तों में दरार पड़ सकती है। वैवाहिक जीवन पर भी यह असर डालेगा। लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: दिनभर रिमझिम फुहारों से बदले मौसम ने कराया अहसास..सर्दी आने वाली है
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, पिछले छह माह से चला आ रहा चांडाल योग, इस महीने 30 अक्तूबर को समाप्त हो जाएगा। इससे बृहस्पति, राहु-केतु से मुक्त होंगे। यह जनमानस के लिए फलदायी साबित होगा।
इसे भी पढ़ें: एमएमएमयूटी: 108 छात्रों को मिला कैंपस प्लेसमेंट, छात्रा को सर्वाधिक 42 लाख का पैकेज
इस माह के सबसे महत्वपूर्ण गोचर में राशि परिवर्तन राहु और केतु ग्रह का है। राहु मीन में तो केतु कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इन दोनों ग्रहों व बृहस्पति की युति से बनने वाला चांडाल योग समाप्त हो जाएगा। इससे आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की उन्नति होगी। यह बदलाव सबके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।