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डीडीयू : 22 करोड़ से खत्म होगा पानी का संकट
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गोरखपुर। करीब एक दशक से पानी की आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे दीनदयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। विश्वविद्यालय परिसर, आवासों और छात्रावासों में पांच नई टंकियां बनाई जाएंगी। साथ ही, नई पाइपलाइन भी बिछेगी। इसके लिए शासन को 22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना के समय ही कैंपस, छात्रावासों और आवासों में लोहे की पाइपलाइन बिछी थी। उसी समय चार टंकियां भी बनी थीं। करीब सात दशक में लोहे के पाइपलाइन जर्जर हालत में पहुंच गए। पुरानी पानी के टंकियों की उम्र भी लगभग 30 वर्ष की होती है। अभी भी उनमें से तीन टंकियों का इस्तेमाल हो रहा है। स्थापना के सात दशकों में हर जगह पानी की खपत तो बढ़ गई लेकिन न नई पाइपलाइन बिछीं और न ही नई टंकियां ही बनीं। इसके चलते अक्सर कैंपस, छात्रावासों या आवासों में पानी न आने या बहुत धीरे आने की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम से इसका प्रस्ताव तैयार कराया है।
नई टंकियों के लिए ये जगह चिह्नित
टंकियों के लिए डीडीयू प्रशासन ने पांच जगह चिह्नित किए हैं। एक टंकी प्रशासनिक भवन के पास बनेगी। इससे अलकनंदा व एससी-एसटी हॉस्टलों तक आपूर्ति होगी। दूसरी टंकी केंद्रीय ग्रंथालय के पास बनेगी, यहां से जूलॉजी व बॉटनी विभागों तक पानी की आपूर्ति होगी। तीसरी टंकी शिक्षा संकाय और चौथी दीक्षा भवन में बनेगी। पांचवीं टंकी हीरापुरी कॉलोनी में बनेगी।
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बोलीं कुलपतिइस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि बेहतर पानी की आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने और नई टंकी बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धनराशि स्वीकृत हो जाएगी।
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विश्वविद्यालय की स्थापना के समय ही कैंपस, छात्रावासों और आवासों में लोहे की पाइपलाइन बिछी थी। उसी समय चार टंकियां भी बनी थीं। करीब सात दशक में लोहे के पाइपलाइन जर्जर हालत में पहुंच गए। पुरानी पानी के टंकियों की उम्र भी लगभग 30 वर्ष की होती है। अभी भी उनमें से तीन टंकियों का इस्तेमाल हो रहा है। स्थापना के सात दशकों में हर जगह पानी की खपत तो बढ़ गई लेकिन न नई पाइपलाइन बिछीं और न ही नई टंकियां ही बनीं। इसके चलते अक्सर कैंपस, छात्रावासों या आवासों में पानी न आने या बहुत धीरे आने की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम से इसका प्रस्ताव तैयार कराया है।
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नई टंकियों के लिए ये जगह चिह्नित
टंकियों के लिए डीडीयू प्रशासन ने पांच जगह चिह्नित किए हैं। एक टंकी प्रशासनिक भवन के पास बनेगी। इससे अलकनंदा व एससी-एसटी हॉस्टलों तक आपूर्ति होगी। दूसरी टंकी केंद्रीय ग्रंथालय के पास बनेगी, यहां से जूलॉजी व बॉटनी विभागों तक पानी की आपूर्ति होगी। तीसरी टंकी शिक्षा संकाय और चौथी दीक्षा भवन में बनेगी। पांचवीं टंकी हीरापुरी कॉलोनी में बनेगी।
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बोलीं कुलपतिइस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि बेहतर पानी की आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने और नई टंकी बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धनराशि स्वीकृत हो जाएगी।