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Gorakhpur News: सरयू नदी के कटान ने बढ़ाई परेशानी, पांच घर...200 बीघा खेत तेज बहाव में बहे
Sat, 25 Oct 2025 01:08 PM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार
संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:08 PM IST
सार
गांव के धर्मेंद्र यादव, रमाकांत , सुरजभान,फूलचंद यादव,रजींदर यादव, परवीन यादव, अरविंद, संतोष यादव, सर्वजीत,रामजीत, उदयभान, महेंद्र, सुरेंद्र, झब्बू, कमलेश सिंह,राम अशीष सिंह समेत कुल आठ लोगों के मकान सरयू नदी की कटान के मुहाने पर हैं।
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नदी के कटान की वजह से घर टूटते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बड़हलगंज ब्लाक क्षेत्र के दियारा में बीते ढाई महीने से इलाके में प्रवाहित होने वाली सरयू नदी से कटान हो रहा है। शनिवार की भोर में ज्ञानकोल गांव में सरयू की तेज लहरों ने जयप्रकाश यादव , अशोक यादव और कंता यादव के पक्के मकान को अपनी तेज धार के बहाव में ले लिया।
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गांव के बचे आठ घर पहले से ही कटान की जद में हैं। अबतक कुल पांच घर और करीब 200 बीघा खेते भी सरयू नदी में कटकर समा चुके हैं। गांव के धर्मेंद्र यादव, रमाकांत , सुरजभान,फूलचंद यादव,रजींदर यादव, परवीन यादव, अरविंद, संतोष यादव, सर्वजीत,रामजीत, उदयभान, महेंद्र, सुरेंद्र, झब्बू, कमलेश सिंह,राम अशीष सिंह समेत कुल आठ लोगों के मकान सरयू नदी की कटान के मुहाने पर हैं।
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अगर कटान इसी तरह जारी रही तो ये मकान भी सरयू नदी में समा सकते हैं। कुछ मिलाकर ज्ञानकोल गांव का अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।कटान के कारण ज्ञानकोल गांव में अफरातफरी का माहौल है। लोग अपना-अपना समान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
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ज्ञानकोल गांव का लगभग दो तिहाई हिस्सा सरयू नदी में समा चुका है। कटानरोधी कार्यों में अनियमितता के कारण ग्रामीण कटान को जिम्मेवार ठहराते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों को कोष रहे हैं। गांव में कटान के कारण बेघर हुए लोगों की बेबसी लाचारी को देखने वाला भी कोई नहीं है। अबतक कटान पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई है।