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Gorakhpur News: गोरखपुर में बिना लाइसेंस और पंजीकरण के दौड़ती मिलीं पांच एंबुलेंस, सीज
Tue, 31 Oct 2023 10:33 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 31 Oct 2023 10:33 AM IST
सार
गोरखपुर शहर में मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए समय से अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस महज एक टैक्सी ही हैं। उस पर एंबुलेंस लिखकर बिना लाइसेंस वालों के हाथों में गाड़ियां दे दी गई हैं। इस तरह के मामले सामने आने पर एसपी ट्रैफिक ने सोमवार को अभियान चलाया तो हकीकत भी सामने आ गई।
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मोहद्दीपुर चौराहे पर एंबुलेंस को चेकिंग करते ट्रैफिक एसपी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर शहर की सड़कों पर बिना लाइसेंस व पंजीकरण के दौड़ रहीं पांच एंबुलेंस को सोमवार को सीज कर दिया गया। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ने खुद ही एंबुलेंसों की जांच की और कागजात में कमी मिलने पर कार्रवाई की।
पुलिस की जांच में ऑक्सीजन व दूसरे जरूरी उपकरण भी एंबुलेंस में नहीं मिले, लेकिन ये मामले पुलिस के दायरे में न होने की वजह से कार्रवाई के लिए कागजात को आधार बनाया गया। एसपी ने बताया कि आगे भी अभियान जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, शहर में मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए समय से अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस महज एक टैक्सी ही हैं। उस पर एंबुलेंस लिखकर बिना लाइसेंस वालों के हाथों में गाड़ियां दे दी गई हैं। इस तरह के मामले सामने आने पर एसपी ट्रैफिक ने सोमवार को अभियान चलाया तो हकीकत भी सामने आ गई।
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एंबुलेंस को रोकने के दौरान यातायात पुलिस ने खासतौर से एक बात का ध्यान भी रखा कि जिस एंबुलेंस को चेक किया जाए, उसमें मरीज न हो। जिनमें मरीज नहीं थे, ऐसी पांच एंबुलेंस में कमी मिल गई। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ने बताया कि एंबुलेंस के चालक के कागज, पंजीकरण, प्रदूषण की जांच की गई तो सभी में कमी मिली है, पांच एंबुलेस को सीज किया गया है।
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पुलिस की जांच में ऑक्सीजन व दूसरे जरूरी उपकरण भी एंबुलेंस में नहीं मिले, लेकिन ये मामले पुलिस के दायरे में न होने की वजह से कार्रवाई के लिए कागजात को आधार बनाया गया। एसपी ने बताया कि आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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जानकारी के मुताबिक, शहर में मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए समय से अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस महज एक टैक्सी ही हैं। उस पर एंबुलेंस लिखकर बिना लाइसेंस वालों के हाथों में गाड़ियां दे दी गई हैं। इस तरह के मामले सामने आने पर एसपी ट्रैफिक ने सोमवार को अभियान चलाया तो हकीकत भी सामने आ गई।
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एंबुलेंस को रोकने के दौरान यातायात पुलिस ने खासतौर से एक बात का ध्यान भी रखा कि जिस एंबुलेंस को चेक किया जाए, उसमें मरीज न हो। जिनमें मरीज नहीं थे, ऐसी पांच एंबुलेंस में कमी मिल गई। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ने बताया कि एंबुलेंस के चालक के कागज, पंजीकरण, प्रदूषण की जांच की गई तो सभी में कमी मिली है, पांच एंबुलेस को सीज किया गया है।