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Gorakhpur News: रिश्वत लेने के आरोप में सर्वे चेयरमैन पर प्राथमिकी दर्ज
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गोरखपुर। सदर तहसील के सर्वे चेयरमैन पर सरकारी अभिलेखों में महिला और उसके तीन बेटों का नाम दर्ज कराने के लिए 72 हजार रुपये रिश्वत मांगने और रकम लेने के बाद भी काम नहीं करने का आरोप लगा है। खजनी थाना क्षेत्र निवासी शंकर दिग्विजय निषाद के अदालत में दिए प्रार्थनापत्र के आधार पर मंगलवार को कैंट थाने में आरोपी अशोक के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्रार्थनापत्र के मुताबिक, शंकर की बहन कालिंदी और उनके बेटे चंद्रकेश मणि, इंद्रजीत व नंदलाल का नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया जाना था। आरोप है कि फरवरी में सदर तहसील के सर्वे चेयरमैन अशोक ने यह काम कराने के लिए 72 हजार रुपये की मांग की। कालिंदी ने अलग-अलग तारीखों में थोड़ी-थोड़ी रकम उसके खाते में भेजकर पूरी रकम का भुगतान कर दिया। आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी नाम दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं की गई। काम के बारे में पूछने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। शंकर का कहना है कि थाने में कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद वह अदालत पहुंचा। सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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प्रार्थनापत्र के मुताबिक, शंकर की बहन कालिंदी और उनके बेटे चंद्रकेश मणि, इंद्रजीत व नंदलाल का नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया जाना था। आरोप है कि फरवरी में सदर तहसील के सर्वे चेयरमैन अशोक ने यह काम कराने के लिए 72 हजार रुपये की मांग की। कालिंदी ने अलग-अलग तारीखों में थोड़ी-थोड़ी रकम उसके खाते में भेजकर पूरी रकम का भुगतान कर दिया। आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी नाम दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं की गई। काम के बारे में पूछने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। शंकर का कहना है कि थाने में कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद वह अदालत पहुंचा। सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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