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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर विवाद में छात्र नेताओं समेत नौ पर एफआईआर
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद में कैंट पुलिस ने छात्र नेताओं समेत आठ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कार्रवाई विश्वविद्यालय के नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय की तहरीर पर हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार, आठ सितंबर को प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने और सरकारी कार्य बाधित होने की सूचना पर नियंता पुरुष और महिला कर्मचारियों के साथ छात्रों से बातचीत करने पहुंचे थे। गेट खोलने और काम में बाधा नहीं डालने का आग्रह किया जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सतीश प्रजापति, सत्यम मौर्य, उज्ज्वल सिंह, विश्ववर्धन प्रताप सागर, उत्कर्ष पांडेय समेत अन्य लोग वहां पहुंच गए। नियंता का आरोप है कि छात्रों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। जान से मारने की नीयत से हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, मौके पर मौजूद तीन सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर नियंता और कर्मचारियों को किसी तरह प्रशासनिक भवन के अंदर पहुंचाया। इसके बाद भी आरोपी छात्रों द्वारा पीछा करने का आरोप है। घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे शिकायत के साथ आधार बनाया गया है। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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तहरीर के अनुसार, आठ सितंबर को प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने और सरकारी कार्य बाधित होने की सूचना पर नियंता पुरुष और महिला कर्मचारियों के साथ छात्रों से बातचीत करने पहुंचे थे। गेट खोलने और काम में बाधा नहीं डालने का आग्रह किया जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सतीश प्रजापति, सत्यम मौर्य, उज्ज्वल सिंह, विश्ववर्धन प्रताप सागर, उत्कर्ष पांडेय समेत अन्य लोग वहां पहुंच गए। नियंता का आरोप है कि छात्रों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। जान से मारने की नीयत से हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, मौके पर मौजूद तीन सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर नियंता और कर्मचारियों को किसी तरह प्रशासनिक भवन के अंदर पहुंचाया। इसके बाद भी आरोपी छात्रों द्वारा पीछा करने का आरोप है। घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे शिकायत के साथ आधार बनाया गया है। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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