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Gorakhpur News: बिना एनओसी भूगर्भ जल दोहन पर पांच लाख तक जुर्माना...जा सकते हैं जेल
Wed, 06 Dec 2023 11:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:45 AM IST
सार
जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अधिशासी अभियंता विश्वजीत सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, फर्म, संस्था की ओर से भूगर्भ जल दोहन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र/पंजीकरण कराना जरूरी है। सभी के लिए सार्वजनिक रूप से नोटिस जारी किया गया है।
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आरओ प्लांट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब भूगर्भ जल का व्यावसायिक उपयोग करने पर भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद से अनापत्ति सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना होगा। बिना एनओसी लिए भूगर्भ जलदोहन करने वालों पर दो लाख से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही छह महीने से एक साल तक की जेल भी हो सकती है। भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद ने एनओसी के लिए एक महीने का समय दिया है। इसके बाद विभाग अभियान चलाकर जांच कराएगा।
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भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम 2019 के तहत सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ता (होटल, लाज, निजी आवासीय भवन, आवासीय कालोनी, मॉल्स, वाटर पार्क आदि) को भूजल के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त भूगर्भ कूप निर्माण की समस्त ड्रिलिंग संस्थाओं का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
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इस अधिनियम की धारा-39 के अन्तर्गत बिना पंजीकरण व अनापत्ति प्रमाण पत्र के भूगर्भ जल दोहन करते पाए जाने पर व्यक्ति, समूह, संस्था को दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा छह माह से एक वर्ष तक का कारावास हो सकता है।
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पांच हजार रुपये है शुल्क
भूगर्भ जलदोहन के लिए पांच साल की एनओसी दी जाएगी। इसका शुल्क भी पांच हजार रुपये है। भूगर्भ विभाग के वेब पोर्टल http://upgwdonline.in पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं।
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जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अधिशासी अभियंता विश्वजीत सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, फर्म, संस्था की ओर से भूगर्भ जल दोहन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र/पंजीकरण कराना जरूरी है। सभी के लिए सार्वजनिक रूप से नोटिस जारी किया गया है। एक माह के अंदर आवेदन नहीं किया जाता है तो उसके बाद अवैध रूप से भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भूगर्भ जलदोहन के लिए पांच साल की एनओसी दी जाएगी। इसका शुल्क भी पांच हजार रुपये है। भूगर्भ विभाग के वेब पोर्टल http://upgwdonline.in पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं।
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जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अधिशासी अभियंता विश्वजीत सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, फर्म, संस्था की ओर से भूगर्भ जल दोहन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र/पंजीकरण कराना जरूरी है। सभी के लिए सार्वजनिक रूप से नोटिस जारी किया गया है। एक माह के अंदर आवेदन नहीं किया जाता है तो उसके बाद अवैध रूप से भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।