फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   fewer vehicles on roads and air in gorakhpur city improved

Gorakhpur Pollution: गोरखपुर की सड़कों पर कम निकलीं गाड़ियां, सुधरने लगी शहर की हवा

Thu, 30 Nov 2023 12:31 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 30 Nov 2023 12:31 PM IST
सार

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि तापमान में कमी और हवाएं नहीं चलने के कारण धूल के कण संघनित हो गए थे। जिससे एक्यूआई का स्तर बढ़ गया था। मंगलवार की दोपहर से धूप निकलने से तापमान बढ़ने एवं हवा चलने से धुआं एवं अन्य कण ऊपरी सतह पर चले गए।

विज्ञापन
fewer vehicles on roads and air in gorakhpur city improved
मोहद्दीपुर चौराहे पर लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दो दिनों से खराब हुई शहर की हवा अब सुधरने लगी है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 125 दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को 205 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा के चलने और धूप निकलने से मौसम में नमी कम हो गई। इससे वायुमंडल में जमी धूल की परत हट गई।
विज्ञापन


दिवाली के बाद से बिगड़ी शहर की आबोहवा धीरे-धीरे सुधर रही थी। छठ पूजा से पहले एक्यूआई 115 तक पहुंच गया था। छठ के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। निमार्ण कार्य स्थलों पर नगर निगम की ओर से पानी का छिड़काव होने लगा। वहीं मोहद्दीपुर-नौसड़ सिक्सलेन पर निर्माण के दौरान सड़क जहां उखड़ गई थी, उसे बना दिया गया।
विज्ञापन


इससे हवा खुद सुधर गई थी, लेकिन सोमवार से एक बार फिर स शहर की हवा खराब हो गई। विशेषज्ञों की माने तो प्रदूषण के बढ़ने की मुख्य वजह इस समय खेत में जल रही पराली और सहालग में गाड़ियों से निकले वाले धुएं और आतिशबाजी है। जिस दिन मांगलिक कार्यक्रम अधिक हैं, उस दिन सडकों पर गाड़ियां ज्यादा निकल रहीं हैं। जिसके चलते जाम लग रहा है और गाड़ियों से निकले धुएं से प्रदूषण बढ़ जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: फिल्म की स्टोरी को दी मात: दुष्कर्म का आरोपी बोला.. मैं पूर्व जन्म में नाग था और किशोरी नागिन

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि तापमान में कमी और हवाएं नहीं चलने के कारण धूल के कण संघनित हो गए थे। जिससे एक्यूआई का स्तर बढ़ गया था। मंगलवार की दोपहर से धूप निकलने से तापमान बढ़ने एवं हवा चलने से धुआं एवं अन्य कण ऊपरी सतह पर चले गए। जिससे एक्यूआई स्तर में सुधार होने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed