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Gorakhpur News: ढोल की थाप पर थिरके कदम, अपने नेता की झलक पाने को बेताब रहे समर्थक
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गोरखपुर। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की जीत पर ढोल की थाप, नगाड़ों की गूंज, गुलाल की बौछार और जय श्रीराम के नारों के बीच समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उनके कदम थिरक रहे थे। कार्यकर्ता अपने नेता के एक झलक पाने को बेताब रहे।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नवनिर्वाचित शिक्षक एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी जैसे से ही बाहर आए तो कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया।
ध्रुव की जीत पर हर नजर उनके बाहर आने का इंतजार कर रही थी तो हर जुबां पर जिंदाबाद के नारे थे। मुख्य द्वार के सामने बुधवार शाम सड़क के उस पार बैरियर के पास समर्थकों का जमावड़ा लगा था। ढोल की थाप पड़ते ही युवा थिरकने लगते। कोई एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई देता तो कोई हाथ उठाकर जय श्रीराम के नारे लगाता। बीच-बीच में पटाखों की आवाज जश्न में और जोश भर देती। हवा में उड़ता गुलाल और लहराते पार्टी के झंडे माहौल को उत्सव में बदल रहे थे।ध्रुव त्रिपाठी परिसर के अंदर थे लेकिन बाहर खड़े समर्थकों की उमंग थमने का नाम नहीं ले रही थी। घंटों इंतजार के बाद भी उनके कदम नहीं रुके। कई कार्यकर्ता हाथों में फूल-मालाएं लिए उनके स्वागत के लिए डटे रहे। ध्रुव के बाहर आने के इंतजार में कार्यकर्ता किनारे से बीच सड़क पर आ गए, जोश चरम पर पहुंच गया। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जिंदाबाद के नारों के बीच जश्न तेज हो गया।
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गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नवनिर्वाचित शिक्षक एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी जैसे से ही बाहर आए तो कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया।
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ध्रुव की जीत पर हर नजर उनके बाहर आने का इंतजार कर रही थी तो हर जुबां पर जिंदाबाद के नारे थे। मुख्य द्वार के सामने बुधवार शाम सड़क के उस पार बैरियर के पास समर्थकों का जमावड़ा लगा था। ढोल की थाप पड़ते ही युवा थिरकने लगते। कोई एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई देता तो कोई हाथ उठाकर जय श्रीराम के नारे लगाता। बीच-बीच में पटाखों की आवाज जश्न में और जोश भर देती। हवा में उड़ता गुलाल और लहराते पार्टी के झंडे माहौल को उत्सव में बदल रहे थे।ध्रुव त्रिपाठी परिसर के अंदर थे लेकिन बाहर खड़े समर्थकों की उमंग थमने का नाम नहीं ले रही थी। घंटों इंतजार के बाद भी उनके कदम नहीं रुके। कई कार्यकर्ता हाथों में फूल-मालाएं लिए उनके स्वागत के लिए डटे रहे। ध्रुव के बाहर आने के इंतजार में कार्यकर्ता किनारे से बीच सड़क पर आ गए, जोश चरम पर पहुंच गया। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जिंदाबाद के नारों के बीच जश्न तेज हो गया।
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