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Gorakhpur News: डेनमार्क से मई में आएगी फीकल स्लज सेफ्टी मशीन
Fri, 29 Mar 2024 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:07 AM IST
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गोरखपुर। शहर के सेफ्टी टैंकों की सफाई के साथ ही अब उसके पानी का ट्रीटमेंट तुरंत हो जाएगा। उससे मौके पर ही खाद भी बन जाएगी। शासन की ओर से लगभग छह करोड़ रुपये की मशीन मई तक गोरखपुर आ जाएगी। यह मशीन डेनमार्क से मंगवाई जा रही है। गोरखपुर के अलावा प्रयागराज, आगरा और लखनऊ नगर निगम को यह मशीन मिलेगी।
डी-वाॅटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन से टैंक की सफाई के दौरान ही गंदे पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इसमें अंदर एसटीपी बना हुआ है। उप नगर आयुक्त और स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी हाल ही में डेनमार्क जाकर इस मशीन की बारीकियों को समझ कर आए हैं।
डॉ. मणिभूषण ने बताया कि अभी तक सेफ्टी टैंक की सफाई के बाद उसके पानी को ट्रीटमेंट के लिए भेजा जाता है। कुछ लोग उसे सीधे खेतों में डाल देते हैं, जो काफी नुकसान करता है। इससे मृदा शक्ति भी प्रभावित होती है। सेफ्टी टैंक के पानी को बिना ट्रीटमेंट के नदी में भी नहीं डाला जा सकता है।
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यह मशीन शहर में कहीं भी पहुंचकर सेफ्टी टैंक की सफाई कर सकती है। इससे साफ हुए पानी को सीधे नदी में डाला जा सकेगा या कृषि कार्य में इस्तेमाल हो सकेगा। सूखे वेस्ट को खाद के रूप में प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह मशीन मई तक गोरखपुर में आ जाएगी।
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डी-वाॅटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन से टैंक की सफाई के दौरान ही गंदे पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इसमें अंदर एसटीपी बना हुआ है। उप नगर आयुक्त और स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी हाल ही में डेनमार्क जाकर इस मशीन की बारीकियों को समझ कर आए हैं।
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डॉ. मणिभूषण ने बताया कि अभी तक सेफ्टी टैंक की सफाई के बाद उसके पानी को ट्रीटमेंट के लिए भेजा जाता है। कुछ लोग उसे सीधे खेतों में डाल देते हैं, जो काफी नुकसान करता है। इससे मृदा शक्ति भी प्रभावित होती है। सेफ्टी टैंक के पानी को बिना ट्रीटमेंट के नदी में भी नहीं डाला जा सकता है।
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यह मशीन शहर में कहीं भी पहुंचकर सेफ्टी टैंक की सफाई कर सकती है। इससे साफ हुए पानी को सीधे नदी में डाला जा सकेगा या कृषि कार्य में इस्तेमाल हो सकेगा। सूखे वेस्ट को खाद के रूप में प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह मशीन मई तक गोरखपुर में आ जाएगी।