फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Farmers affected by construction of Jungle Kauria Jagdishpur Ring Road met DM

जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड मामला: डीएम बोले, न्यायिक मध्यस्थता में जो मुआवजा तय होगा वह मिलेगा

Tue, 13 Jun 2023 03:30 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 13 Jun 2023 03:30 PM IST
सार

मुआवजे के रूप में 200 से 300 रुपया प्रति वर्ग फीट ही दिया जा रहा है। किसानों की बात सुनने के बाद डीएम ने कहा कि सड़क का निर्माण शुरू होने दीजिए। न्यायिक मध्यस्थता में मामला सुलझा लिया जाएगा। उधर, विधिक राय लेने में जुटे किसान भू अर्जन अधिनियम की धाराओं की जानकारी लेने के बाद ही कोर्ट में अपील करेंगे।
 

विज्ञापन
Farmers affected by construction of Jungle Kauria Jagdishpur Ring Road met DM
गोरखपुर डीएम कृष्णा करुणेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड के निर्माण से प्रभावित कुछ किसान साेमवार को डीएम कृष्णा करूणेश से मिलने पहुंचे। लोगों ने मुआवजा की रकम पर आपत्ति जताते हुए समाधान की मांग की। डीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि न्यायिक मध्यस्थता (आर्बिटेशन) में जो भी मुआवजा तय किया जाएगा, उसका भुगतान होगा। उधर, किसान विधिक राय लेने में जुटे हैं। भू अर्जन अधिनियम की धाराओं की जानकारी लेकर ही कोर्ट में अपील करेंगे।

विज्ञापन


जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड के निर्माण के लिए 26 गांवों के किसानों की भूमि ली जाएगी। इसको लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच मान मनौव्वल चल रहा है। कई दौर की वार्ता विफल होने के बाद सोमवार को किसान फिर से डीएम से वार्ता के लिए पहुंचे। किसानों ने डीएम से कहा कि उनके क्षेत्र में 1500 से 2000 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से जमीनें बिक रही हैं।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में चकबंदी: 5 हजार वाद लंबित, मिल रही तारीख पर तारीख
विज्ञापन
विज्ञापन


मुआवजे के रूप में 200 से 300 रुपया प्रति वर्ग फीट ही दिया जा रहा है। किसानों की बात सुनने के बाद डीएम ने कहा कि सड़क का निर्माण शुरू होने दीजिए। न्यायिक मध्यस्थता में मामला सुलझा लिया जाएगा। उधर, विधिक राय लेने में जुटे किसान भू अर्जन अधिनियम की धाराओं की जानकारी लेने के बाद ही कोर्ट में अपील करेंगे।
 

हालांकि, किसानों का कहना है कि अगर यदि अधिकारी चाहेंगे तो उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। आगे अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: कलयुग का 'लाडला': शराब कम पीने की नसीहत देना पड़ा भारी, नाराज बेटे ने रॉड से मारकर मां-बाप के हाथ तोड़े

किसान अशोक सहानी ने कहा कि भू अर्जन अधिनियम की धारा 26 व धारा 38 के तहत अधिगृहित भूमि के मुआवजे का निर्धारण विक्रय पत्रों के औसत और सर्किल रेट में जो अधिकतम होता है। उस पर दिया जाता है। धारा 38 के अनुसार मुआवजे के पूर्ण भुगतान के बाद ही कब्जा किया जा सकता है, लेकिन यहां कार्यदायी संस्था जबरन निर्माण करना चाहती है।

किसान विश्वामित्र ने कहा कि भू अर्जन अधिनियम के तहत खड़ी फसल नुकसान होने पर मुआवजा देने के बावजूद हीलाहवाली की जा रही है। कार्यदायी संस्था ने बिना किसी सूचना के किसानों के सैकड़ों एकड़ की फसल पर जेसीबी चला दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed