{"_id":"659e71e027e7479ab1030706","slug":"fake-stamp-being-sold-in-civil-court-of-gorakhpur-case-registered-2024-01-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोरखपुर के दीवानी कचहरी में बिक रहा था फर्जी स्टांप, केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोरखपुर के दीवानी कचहरी में बिक रहा था फर्जी स्टांप, केस दर्ज
Wed, 10 Jan 2024 04:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Jan 2024 04:00 PM IST
सार
हुमांयूपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने सहायक महानिरीक्षक निबंधन, गोरखपुर के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन द्वारा भारतीय कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीवानी कचहरी में फर्जी स्टांप बेचने का मामला सामने आया है। 50 हजार कीमत का फर्जी स्टांप भी मिला है। पुलिस ने डीएम के आदेश पर क्रेता और स्टांप विक्रेता पर केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस उप निबंधन सदर प्रथम की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, हुमांयूपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने सहायक महानिरीक्षक निबंधन, गोरखपुर के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन द्वारा भारतीय कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
इस पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वारा 25 अप्रैल 2023 को मुख्य कोषाधिकारी के माध्यम से 13 स्टांप का सत्यापन कराया गया। जिसमें कोषाधिकारी ने भेजे गए 53 हजार के स्टांपों में मात्र 3 हजार के स्टांप को सत्यापित किया गया है।
विज्ञापन
बाकी के स्टांप की प्रमाणिकता को सत्यापित करने लिए निदेशक भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक, महाराष्ट्र को जिलाधिकारी द्वारा प्रेषित किया गया था। जिसके क्रम में भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, महाराष्ट्र द्वारा 5 दिसंबर 2023 को भेजे गए अपने पत्र में 50 हजार के स्टाम्प को फर्जी होना बताया गया।
जिसके बाद जिलाधिकारी ने आवेदक एवं स्टाम्प विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। उपनिबंधन सदर प्रथम सुबोध कुमार राय की तहरीर पर कैंट पुलिस ने राजेश मोहन सरकार और दीवानी कचहरी के स्टांप विक्रेता लालजी सिंह पर केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिसके बाद जिलाधिकारी ने आवेदक एवं स्टाम्प विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। उपनिबंधन सदर प्रथम सुबोध कुमार राय की तहरीर पर कैंट पुलिस ने राजेश मोहन सरकार और दीवानी कचहरी के स्टांप विक्रेता लालजी सिंह पर केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।