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यहां रोजगार का जरिया बना है पूर्व छात्रों का फेसबुक पेज, कम समय में ही हो गया बड़ा नाम
Mon, 07 Sep 2020 03:26 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 07 Sep 2020 03:26 PM IST
सार
- ddugu world wide से तीन महीने में जुड़े 20584 सदस्य
- अब अधिवक्ताओं का बन रहा लीगल सेल, मुफ्त में दिलाएंगे परामर्श
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फेसबुक पेज बना रोजगार का जरिया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के फेसबुक पेज ने महज तीन महीने में ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल परिवार का रूप ले लिया है। ddugu world wide नाम से बने इस ग्रुप में देश-विदेश के 20584 सदस्य जुड़ गए हैं। पूर्व छात्रों का यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म केवल संवाद ही नहीं रोजगार का भी जरिया बन गया है। अब एक लीगल सेल भी बनाई जा रही है, जिसमें शामिल अधिवक्ता सदस्यों को निशुल्क विधिक परामर्श देंगे।
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लॉकडाउन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बनाए गए इस ग्रुप का दायरा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसमें जज, आईएएस, पुलिस अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, शिक्षक, प्रबंधक, व्यापारी, उद्योगजगत में शीर्ष पदों पर विराजमान लोग शामिल हैं। इस पेज से हर वर्ग के लोग जुड़े हैं। ग्रुप से जुड़े कुछ ऐसे सदस्य हैं जो रोजगार सृजन के अवसरों को साझा करते हैं। वहीं, स्कूलों के प्रबंधक व व्यवसाय से जुड़े लोग अपने यहां की नौकरियों के बारे में साझा कर आवेदन भी मांगते हैं।
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इसी साल सात जून को बना ग्रुप
फेसबुक पेज के जरिए ऑनलाइन परिवार की नींव रखने वाले गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आलोक चौरसिया ने बताया कि एक दिन फेसबुक को देखते समय ख्याल आया कि क्यों न एक ऐसा ग्रुप बनाएं जिसमें सभी नए और पुराने साथी जुड़ सकें। इसका मकसद था कि पुराने साथियों के बारे में नए लोग जान सकें।
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साथ ही इसके जरिए पूर्व छात्रों को मार्गदर्शन देने का भी अवसर मिलता। एक-दूसरे के मददगार बन सकें, इसीलिए ग्रुप में जुड़ने वाले हर सदस्य से अनुरोध किया गया कि वे अपने बारे में, पढ़ाई और वर्तमान गतिविधियां साझा करेंगे। हमें यह उम्मीद नहीं थी कि यह ग्रुप ग्लोबल रूप ले लेगा।
पेज से जुड़े ये हैं पूर्व सदस्य
- गंगा शरण सिंह, आईएफएस (वर्तमान में गुजरात में सेवारत)
- आस्थानंद पाठक, आईएएस
- राकेश श्रीवास्तव, आईएएस
- मयंक पांडेय, आईएएस (संयुक्त आयकर आयुक्त)
- ज्ञान प्रकाश शुक्ल (गोरखपुर में अपर जिला जज)
- प्रो. सदानंद शाही, बीएचयू में हिंदी विभाग में आचार्य
- डॉ. दिव्य तिवारी, बीएचयू में प्रोफेसर
- विकास त्रिपाठी, असिस्टेंट प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी
- आलोक शर्मा, भोजपुरी कवि
- विवेकानंद शुक्ला, स्वीडन में पोस्ट डॉक्टोरल शोधकर्ता
- दीपक सिंह सोलंकी, जर्मनी में साफ्टवेयर इंजीनियर
- रामनाथ त्रिपाठी, डिप्टी कमिश्नर
- स्वरूप पांडेय, आण्विक कैंसर वैज्ञानिक, इस्राइल
- निर्भय मिश्र, वाणिज्य कर अधिकारी नोएडा
ग्रुप में 27 एडमिन और 14 मॉडरेटर
ग्रुप में 27 एडमिन और 14 मॉडरेटर हैं। इसके संचालन में गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आलोक कुमार चौरसिया, आदित्य दीक्षित, आईएएस आस्था नंद पाठक, आईएएस राकेश श्रीवास्तव, संदीप मिश्र, धीरेंद्र गोपाल, प्रवीण चौरसिया, सुधांशु चतुर्वेदी, निखिल, सूर्यांश, नवीन सिंह आदि का अहम योगदान है।