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Gorakhpur News: रुक-रुककर होता रहा धमाका, सहमे रहे लोग

Tue, 14 May 2024 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 14 May 2024 12:48 AM IST
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Explosions kept happening intermittently, people remained scared
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पटाखा फैक्टरी में आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को लगे दो घंटे
पटाखाें में विस्फोट से आसपास के मकानों की खिड़कियों के टूट गए शीशे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जंगल धूसड़ स्थित पटाखा फैक्टरी में आग लगने से आसपास रहने वाले सहमे रहे। आग और पटाखा के विस्फोट के भयावहता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि फैक्टरी के आसपास बने मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। फायर ब्रिगेड को भी आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान रुक-रुककर हो रहे विस्फोट से फायरकर्मी नजदीक जाने से बचते रहे।

जंगल धूसड़ में पटाखा फैक्टरी में आग लगने पर लोगों ने बताया कि दो घंटे तक लगातार पटाखे की आवाज लगभग तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई देती रही। आसपास के गांववाले दहशत में आ गए थे। मुख्य अग्नि शमन अधिकारी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि आग कैसे लगी इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। फैक्टरी के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण हुआ था। मानक के अनुसार दो फायर सेफ्टी सिलिंडर भी मिला है, लेकिन आग लगने के बाद उसे चलाने का मौका नहीं मिला।
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16 साल से चल रही थी फैक्टरी

दरअसल, कोतवाली इलाके के बेनीगंज के रहने वाले स्व. जियाउल्लाह उर्फ बुढ़ऊ चाचा पटाखे वाले के बेटे अब्दुल्ला उर्फ टिंकू की पिपराइच इलाके के जंगल धूसड़ में पटाखा फैक्टरी है। यह फैक्टरी यहां करीब 16 साल से चल रही है। जबकि, तरंग क्राॅसिंग पर इनकी पटाखा की दुकान भी है। पुलिस के अनुसार दिसंबर 2023 तक पटाखा फैक्टरी के रजिस्ट्रेशन का रिकार्ड थाने में मिला है। वर्तमान स्थित का पता पुलिस लगाने में जुटी है।
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तीन साल पहले भी लगी थी आग
आसपास के लोगों के मुताबिक, इसी फैक्टरी में करीब तीन साल पहले भी आग लगी थी। दोपहर के वक्त मजदूर काम कर रहे थे। तभी वहां रखे बारूद की ढेर में आग लग गई। हालांकि, उस वक्त कोई घायल नहीं हुआ था और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक इसमें तीन बार आग लगने की घटना हो चुकी है।
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पटाखों से पहले भी हो चुके हैं हादसे



वर्ष 1998 : रेती चौराहे के पास पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, तीन मरे।

वर्ष 2006 : खजनी रोड पर पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में चार लोगों की मौत, कई घायल।
वर्ष 2006 : ही गोरखनाथ स्थित पटाखे की एक दुकान में विस्फोट, दुकानदार की बेटी की जान चली गई।

22 मई 2013 : चिलुआताल के मानीराम, सिक्टौर में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से महिला की मौत, कई घायल।
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