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गोरखपुर: ग्रामीण खंड के अवर अभियंताओं से नोटिस देकर मांगा गया स्पष्टीकरण, जानिए क्या है बड़ी वजह
Mon, 13 Dec 2021 01:29 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Dec 2021 01:29 PM IST
सार
बकाएदार 4.60 लाख उपभोक्ताओं में अभी तक 31 हजार ने ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
एकमुश्त समाधान योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर ग्रामीण खंडों के अवर अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं एमडी के निर्देश पर अधिशासी अभियंताओं ने अपने क्षेत्र के अवर अभियंताओं के साथ खंड द्वितीय व प्रथम के एसडीओ से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कुल 4.60 लाख बकाएदारों में से अभी तक सिर्फ 31 हजार उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण करवाया है। इस पर नाराजगी जताते हुए एमडी ने अभियंताओं से उनके काम की रिपोर्ट मांगी है। चार दिन से अंदर उन्हें जवाब देना है।
21 अक्तूबर को एकमुश्त समाधान योजना एलएमवी- एक व दो श्रेणी के बकाएदारों को सरचार्ज में 100 फीसदी छूट देने के लिए लागू की गई। निजी नलकूप श्रेणी के बकाएदारों को भी इसमें शामिल किया गया। कारपोरेशन ने चयनित बकाएदारों की सूची सभी वितरण मंडलों को भेजी, ताकि अभियंता उसे प्रिंट कराकर बकाएदारों को दे सकें। इसमें मूल बकाया के साथ छूट की रकम का भी उल्लेख है। इस काम की जिम्मेदारी क्षेत्र के अवर अभियंताओं को दी गई थी। पचास दिन बीतने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में प्रगति एकदम न के बराबर है। एमडी ने इसी पर नाराजगी जताई है।
दरअसल, अभी तक सिर्फ 31 हजार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीकरण करवा कर 5 करोड़ की छूट लेकर 17 करोड़ रुपये जमा किए, जबकि कुल 4.60 लाख बकाएदारों पर 705 करोड़ रुपये का बकाया है। एमडी ने नाराजगी जताते हुए सभी अधिशासी अभियंताओं से लक्ष्य पूरा नहीं किए जाने वाले सभी अभियंताओं से जवाब मांगने के लिए कहा है।
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अभियंताओं ने बताया कि गांव में लगने वाले शिविर में भी बकाएदार नहीं आ रहे हैं। वे खेती-किसानी के काम में व्यस्त हैं। दूसरी बात यह है कि बकाए पर कनेक्शन काटने की मनाही है। ऐसे में बिना एक्शन के बकाएदार पंजीकरण के लिए सामने नहीं आ रहे हैं।
ग्रामीण अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने बताया कि ओटीएस में लापरवाही पाए जाने पर अवर अभियंताओं से जवाब तलब किया गया है। चार दिनों के भीतर उन्हें जवाब देना है। 15 दिसंबर को एकमुश्त समाधान योजना समाप्त हो जाएगी।
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21 अक्तूबर को एकमुश्त समाधान योजना एलएमवी- एक व दो श्रेणी के बकाएदारों को सरचार्ज में 100 फीसदी छूट देने के लिए लागू की गई। निजी नलकूप श्रेणी के बकाएदारों को भी इसमें शामिल किया गया। कारपोरेशन ने चयनित बकाएदारों की सूची सभी वितरण मंडलों को भेजी, ताकि अभियंता उसे प्रिंट कराकर बकाएदारों को दे सकें। इसमें मूल बकाया के साथ छूट की रकम का भी उल्लेख है। इस काम की जिम्मेदारी क्षेत्र के अवर अभियंताओं को दी गई थी। पचास दिन बीतने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में प्रगति एकदम न के बराबर है। एमडी ने इसी पर नाराजगी जताई है।
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दरअसल, अभी तक सिर्फ 31 हजार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीकरण करवा कर 5 करोड़ की छूट लेकर 17 करोड़ रुपये जमा किए, जबकि कुल 4.60 लाख बकाएदारों पर 705 करोड़ रुपये का बकाया है। एमडी ने नाराजगी जताते हुए सभी अधिशासी अभियंताओं से लक्ष्य पूरा नहीं किए जाने वाले सभी अभियंताओं से जवाब मांगने के लिए कहा है।
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अभियंताओं ने बताया कि गांव में लगने वाले शिविर में भी बकाएदार नहीं आ रहे हैं। वे खेती-किसानी के काम में व्यस्त हैं। दूसरी बात यह है कि बकाए पर कनेक्शन काटने की मनाही है। ऐसे में बिना एक्शन के बकाएदार पंजीकरण के लिए सामने नहीं आ रहे हैं।
ग्रामीण अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने बताया कि ओटीएस में लापरवाही पाए जाने पर अवर अभियंताओं से जवाब तलब किया गया है। चार दिनों के भीतर उन्हें जवाब देना है। 15 दिसंबर को एकमुश्त समाधान योजना समाप्त हो जाएगी।