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Gorakhpur News: गीडा में ड्राई पोर्ट बनाने की मांग, बिजली फ्यूल सरचार्ज हटाने का भी उठाया मुद्दा

Sat, 27 Jun 2026 02:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 02:44 AM IST
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Entrepreneurs met Chief Minister Yogi Adityanath at Gorakhnath Temple and submitted a memorandum.

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गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले उद्यमी, सौंपा ज्ञापन


गोरखपुर। जिले के उद्यमियों ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। उद्यमियों ने गीडा में ड्राई पोर्ट की स्थापना, बिजली के फ्यूल सरचार्ज को समाप्त करने, सिक्योरिटी चार्ज कम करने और शहरी औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए गए मेंटेनेंस टैक्स में राहत देने की मांग की।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने ज्ञापन देकर कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर का औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है लेकिन कुछ समस्याएं उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित कर रही हैं। उद्यमियों ने विकास नगर और भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों पर नगर निगम की ओर से लगाए गए वार्षिक मेंटेनेंस टैक्स को अत्यधिक बताते हुए इसे यूपीएसआईडीसी और गीडा की दरों के अनुरूप करने की मांग की।
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उनका कहना था कि इससे शहरी उद्योगों को भी अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के समान सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों पर लगाए जा रहे 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज और सिक्योरिटी चार्ज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उद्यमियों ने कहा कि लगातार बढ़ रहे बिजली शुल्क और अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज से उत्पादन लागत बढ़ रही है, जिससे प्रदेश के उद्योग अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं। उन्होंने फ्यूल सरचार्ज समाप्त करने और सिक्योरिटी चार्ज कम करने का अनुरोध किया।
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वहीं चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष विष्णु अजीतसारिया और एसके अग्रवाल ने गोरखपुर में गारमेंट उद्योग के विकास को लेकर अलग ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल बुनकर बाहुल्य क्षेत्र है और मुख्यमंत्री के प्रयासों से हाल के वर्षों में यहां गारमेंट उद्योग तेजी से विकसित हुआ है। गीडा में गारमेंट पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री शुरू होने के बाद अनेक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिससे हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है।


गारमेंट प्रदर्शनी का हो आयोजन
एसके अग्रवाल ने बताया कि गारमेंट उद्योग में एक करोड़ रुपये के निवेश पर करीब 30 लोगों को रोजगार मिलता है, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। मुख्यमंत्री की गोरखपुर को गारमेंट हब बनाने की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने देश के बड़े गारमेंट निर्यातक समूहों, जैसे शाही एक्सपोर्ट्स और पर्ल ग्लोबल, को गोरखपुर में निवेश के लिए आमंत्रित करने की मांग की। साथ ही शहर में वृहद गारमेंट प्रदर्शनी आयोजित कर रिलायंस, जुडियो, आदित्य बिरला समूह सहित प्रमुख रिटेल ब्रांडों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया, ताकि स्थानीय इकाइयों को बेहतर बाजार मिल सके। उद्यमियों ने गीडा में ड्राई पोर्ट की स्थापना की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि गारमेंट उद्योग में निर्यात की व्यापक संभावनाएं हैं और ड्राई पोर्ट बनने से निर्यातक इकाइयों को लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी, जिससे गोरखपुर पूर्वांचल के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
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