{"_id":"6466766799c413fb7308a675","slug":"emphasis-on-establishment-of-food-park-near-link-expressway-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-172984-2023-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना पर जोर
विज्ञापन
- 22 मई को प्रस्तावित है गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की बैठक
- चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज चाहता है गीडा में भूखंडों का रेट न बढ़ाया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की 22 मई को प्रस्तावित बैठक में लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना और गीडा में औद्योगिक भूखंड के रेट के साथ ही कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से फूड पार्क और भूखंड का मुद्दा रखा जाएगा। उद्यमियों की मांग है कि मौजूदा समय में गीडा में भूखंडों के जो रेट हैं, उसे बढ़ाया न जाए।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जो निवेश आए हैं, उसे धरातल पर उतारने के लिए गीडा ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें पेप्सिको का बाटलिंग प्लांट का निर्माण शामिल है। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। गीडा प्रशासन से मांग की गई है कि लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना की जाए, जिससे की फूड से संबंधित उद्योग को प्राथमिकता मिल सके। औद्योगिक भूखंड के आवंटन की तिथि से दो वर्ष में आवंटियों को उत्पादन शुरू करना होता है। अगर दो वर्षों के अंदर उत्पादन शुरू नहीं होता है तो आवंटियों से विस्तारीकरण का शुल्क लिया जाता है। इसे बढ़ाकर तीन वर्ष करने की मांग की गई है। बताया कि गीडा में निवेश के लिए कई बड़ी कंपनियां आगे आ रही हैं। अन्य प्रदेशों की तुलना में गीडा के भूखंडों का रेट अधिक है। ऐसी स्थिति में भूखंडों का रेट न बढ़ाया जाए। सीईओ गीडा पवन अग्रवाल ने बताया कि चैंबर ऑफ इंडस्ट्री के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
- चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज चाहता है गीडा में भूखंडों का रेट न बढ़ाया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की 22 मई को प्रस्तावित बैठक में लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना और गीडा में औद्योगिक भूखंड के रेट के साथ ही कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से फूड पार्क और भूखंड का मुद्दा रखा जाएगा। उद्यमियों की मांग है कि मौजूदा समय में गीडा में भूखंडों के जो रेट हैं, उसे बढ़ाया न जाए।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जो निवेश आए हैं, उसे धरातल पर उतारने के लिए गीडा ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें पेप्सिको का बाटलिंग प्लांट का निर्माण शामिल है। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। गीडा प्रशासन से मांग की गई है कि लिंक एक्सप्रेस-वे के पास फूड पार्क की स्थापना की जाए, जिससे की फूड से संबंधित उद्योग को प्राथमिकता मिल सके। औद्योगिक भूखंड के आवंटन की तिथि से दो वर्ष में आवंटियों को उत्पादन शुरू करना होता है। अगर दो वर्षों के अंदर उत्पादन शुरू नहीं होता है तो आवंटियों से विस्तारीकरण का शुल्क लिया जाता है। इसे बढ़ाकर तीन वर्ष करने की मांग की गई है। बताया कि गीडा में निवेश के लिए कई बड़ी कंपनियां आगे आ रही हैं। अन्य प्रदेशों की तुलना में गीडा के भूखंडों का रेट अधिक है। ऐसी स्थिति में भूखंडों का रेट न बढ़ाया जाए। सीईओ गीडा पवन अग्रवाल ने बताया कि चैंबर ऑफ इंडस्ट्री के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन