{"_id":"600fb4472862f63a1211bfbf","slug":"electricity-municipal-corporation-face-to-face-in-high-tension-line-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: नाले में हाई टेंशन लाइन मामले में बिजली-नगर निगम आमने सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: नाले में हाई टेंशन लाइन मामले में बिजली-नगर निगम आमने सामने
Tue, 26 Jan 2021 11:48 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 26 Jan 2021 11:48 AM IST
विज्ञापन
नाले के बीच से जा रही अंडरग्राउड हाई टेंशन लाइन।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर के हुमायूंपुर चौराहे से तरंग क्रॉसिंग तक बन रहे नाले के बीच से जा रही अंडरग्राउंड एचटी लाइन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में नगर निगम और बिजली निगम के अफसर एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को बिजली निगम के अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि नाला दो जगह तोड़ने के बाद ही केबल को अलग किया जा सकता है। उन्होंने इस संबध में नगर निगम को पत्र लिखने की बात कही। निरीक्षण के दौरान पहुंचे पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लाखों खर्च के बाद भी जानलेवा लापरवाही की जा रही है।
विज्ञापन
दरअसल, नगर निगम हुमायूंपुर चौराहे से तरंग क्रॉसिंग तक करीब 40 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण कर रहा है। निगम ने जहां नाला निर्माण किया है, वहां एचटी लाइन दिख रही है। हाइटेंशन लाइन और लो-टेंशन लाइन के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग की गहराई का भी मानक निर्धारित है। हाईटेंशन लाइन तकरीबन एक मीटर की गहराई में और लो-टेंशन लाइन आधे मीटर की गहराई में डाली जाती है। नाला निर्माण में बिजली निगम के मानक की कलई खुल गई है।
विज्ञापन
पार्षद ऋषिमोहन वर्मा ने कहा कि नाला सफाई के दौरान बिजली के केबल के कटने की पूरी आशंका है। कई बार इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन निर्माण कार्य जारी है। अब अधिकारी गलती स्वीकार रहे हैं। नगर निगम के इंजीनियर अभी भी नहीं पहुंचे हैं। इसकी शिकायत महापौर और नगर आयुक्त से की जाएगी।
बिजली निगम अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम ने कहा नगर निगम के अधिकारियों को निर्माण के दौरान एचटी लाइन दिखने पर काम रोककर बिजली निगम को सूचित करना चाहिए। निर्माण के दौरान ही बड़ा हादसा हो सकता था। अब नाला तोड़कर ही इसे ठीक किया जा सकता है। इस बाबत नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा। नगर निगम को दो स्थानों पर नाले को तोड़ना पड़ेगा। इसके बाद वहां से बिजली का केबल या तो और खुदाई कर अंडरग्राउंड कर दी जाएगी या फिर ऊपर से ही कहीं रखने की व्यवस्था की जाएगी।
नाले के बीच से केबल हटाने की बिजली निगम से मांगी अनुमति
नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने बिजली निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर नाले के बीच बिजली का केबल हटाने की अनुमति मांगी है। पत्र में कहा गया है कि इसकी वजह से दुर्घटना की आशंका बन गई है। न सिर्फ नाले के पानी का बहाव बाधित होगा, बल्कि सफाई में भी दिक्कत होगी। अधिशासी अभियंता देवेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली निगम से अनुमति मिलने के बाद केबल को नाले के बीच से हटवा दिया जाएगा।
बिना सूचना ही नगर निगम ने शुरू करा दिया नाले का निर्माण: बिजली निगम
बिजली निगम बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बिना बिजली निगम को सूचना दिए नाला निर्माण शुरू किए जाने और अंडरग्राउंड केबल के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी।
सूचना पर पहुंचे अवर अभियंता श्याम सिंह ने ठेकेदार को अगली बार खुदाई से पहले सूचना देने की बात कही थी। लेकिन बिना सूचना दिए ही काम फिर से शुरू कर दिया गया। इस वजह से जटेपुर उत्तरी के पास तीन केबल के तार नाले के बीच में आ गए। जिससे नाले में पानी के बहाव के साथ केबल के खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।
बिना सूचना ही नगर निगम ने शुरू करा दिया नाले का निर्माण: बिजली निगम
बिजली निगम बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बिना बिजली निगम को सूचना दिए नाला निर्माण शुरू किए जाने और अंडरग्राउंड केबल के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी।
सूचना पर पहुंचे अवर अभियंता श्याम सिंह ने ठेकेदार को अगली बार खुदाई से पहले सूचना देने की बात कही थी। लेकिन बिना सूचना दिए ही काम फिर से शुरू कर दिया गया। इस वजह से जटेपुर उत्तरी के पास तीन केबल के तार नाले के बीच में आ गए। जिससे नाले में पानी के बहाव के साथ केबल के खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।