बिजली मीटर: जांच में खुल गया खेल...अभियंता और जेएमटी पाए गए दोषी
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि जांच में सभी बिंदुओं पर लोगों के बयान और रिकाॅर्ड लिए गए हैं। इसमें दोषी या लापरवाह पाए गए अभियंताओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बिजली निगम ग्रामीण खंड में कुछ अभियंताओं की लापरवाही और उपभोक्ताओं से सांठगांठ कर जेएमटी (जूनियर मीटर टेस्टर) ने राजस्व की क्षति पहुंचाई थी। मुख्य अभियंता की ओर से गठित जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट में मीटर परीक्षण खंड के एक्सईन, एसडीओ, जेई और जेएमटी की लापरवाही पाई है। इससे निगम की छवि धूमिल होने के साथ ही वित्तीय क्षति भी हुई है।
रीडिंग स्टोर वाले मीटर बदलने के खेल में दर्जनों उपभोक्ताओं को लाभ देकर निगम को लाखों रुपये की क्षति पहुंचाने का अंदेशा है। 11 मीटर का रिकार्ड जांच के दौरान भी ये जिम्मेदार नहीं दिखा सके।
ग्रामीण मीटर परीक्षण खंड प्रथम में उपभोक्ताओं के परिसर पर सांठगांठ कर जेएमटी पर गलत तरीके से मीटर बदले जाने का आरोप लगा था। आरोप था कि जेएमटी अरुण कुमार गुप्ता ने दर्जनभर उपभोक्ताओं से सेटिंग कर कुछ अभियंताओं की मिलीभगत से रीडिंग स्टोर वाले मीटर बदलकर दिए। इससे बिजली निगम को लाखों रुपये की चपत लगी।
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पादरी बाजार क्षेत्र की तारा देवी के घरेलू कनेक्शन पर लगे मीटर में करीब 50 हजार रीडिंग स्टोर थी। विवादित जेएमटी ने 27 फरवरी को मीटर खराब दिखाकर बदल दिया। जेई की रिपोर्ट से वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन ने मामले का संज्ञान लेकर ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम में उपभोक्ता के कनेक्शन आईडी पर 50 हजार यूनिट रीडिंग चार्ज कर दी। इसके बाद 2.15 लाख रुपये का बिल बना।
इसके बाद उपभोक्ता ने बिल सुधार के लिए दावेदारी प्रस्तुत की। एक्सईएन ने इस पर हैरानी जताते हुए परीक्षण खंड के एक्सईएन व वितरण मंडल के एसई को पत्र लिखकर मामले की जांच कराकर जेएमटी के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की। परीक्षण खंड के तत्कालीन एक्सईएन ने मामले में चुप्पी साध ली।
पादरी बाजार के एक उपभोक्ता ने जेएमटी अरुण कुमार द्वारा बदले गए रीडिंग स्टोर वाले दर्जनों मीटरों की सिलिंग जुटाकर ग्रामीण वितरण मण्डल के एसई को देकर जांच कराने की मांग की।
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जेएमटी ने हरसेवकपुर की प्रेमलता सिंह के कनेक्शन पर लगा मीटर नो डिस्प्ले दिखाकर बदल दिया। जबकि उनके मीटर में 63 हजार रीडिंग स्टोर थी। हैदरगढ़ के गोपी चंद के कनेक्शन का मीटर भी नो डिस्प्ले में बदला दिया। इसमें भी करीब 40 हजार यूनिट स्टोर थी। इसी तरह घोसीपुरवा के शाकुब अली के परिसर में लगा मीटर भी नो डिस्प्ले में 12 नवंबर को बदला गया।
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जांच टीम ने इन्हें माना लापरवाह
जांच टीम ने माना कि 11 मीटरों की रिपोर्ट अधिशासी अभियंता (मीटर), सहायक अभियंता (एसडीओ) अवर अभियंता (जेई) और जेएमटी उपलब्ध नहीं करवा सके। बदले गए मीटरों में विभागीय नियमों की अनदेखी की गई, जिसमें जेएमटी के साथ अभियंताओं की भी लापरवाही मिली। इससे खंड को काफी राजस्व की क्षति हुई है।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि जांच में सभी बिंदुओं पर लोगों के बयान और रिकाॅर्ड लिए गए हैं। इसमें दोषी या लापरवाह पाए गए अभियंताओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।