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गोरखपुर बिजली निगम: आज नहीं हटे बांस-बल्ली तो कल कार्यदायी संस्था पर दर्ज होगा मुकदमा
Wed, 15 Sep 2021 11:29 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:29 AM IST
सार
बिजली निगम ने कार्यदायी फर्म को दिया था काम पूरा करने के लिए 15 सितंबर तक का समय। सीएम की प्राथमिकता का काम पूरा करने को एक दिन का समय बाकी, बिजली विभाग कार्रवाई के मूड में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर शहर को बांस-बल्ली पर झूल रहे तारों से मुक्ति दिलाने के लिए 15 सितंबर का दिन आखिरी है। ऐसे में अगर कार्यदायी संस्था ने यह काम एक दिन में पूरा नहीं किया तो 16 सितंबर को विद्युत निगम संस्था पर मुकदमा दर्ज कराएगा। इसके लिए अधीक्षण अभियंताओं ने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित कर दिया है। इसके अलावा पूर्व निर्धारित समय सीमा 30 अगस्त से पेनाल्टी भी वसूल की जाएगी।
विद्युत निगम की बांस-बल्ली योजना के तहत शहर के कई इलाकों से बांस-बल्ली हटाकर पोल और तार लगाने का ठेका गाजियाबाद के मेसर्स पावर टेक को दिया गया था। काम को पूरा करने के लिए 30 अगस्त की समय सीमा निर्धारित की गई थी। सितंबर के पहले सप्ताह में भी काम की धीमी रफ्तार देखते हुए अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर फर्म को काली सूची में डालने की अनुशंसा की थी। फर्म को भी नोटिस मिलने पर काम में तेजी आई। लेकिन काम पूरा न हो सका। अब अधीक्षण अभियंता ने अपनी तरफ से काम के लिए समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया है।
उन्होंने अपने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया है कि 15 सितंबर के बाद जिनके खंड में योजना के तहत काम अधूरा मिले, वे मुकदमा दर्ज कराएं। इसके अलावा 30 अगस्त के बाद काम में देरी होने पर उक्त समयावधि तक अनुबंध की शर्तों के अनुसार भुगतान में कटौती की जाएगी। मेसर्स पावर टेक के स्थानीय प्रतिनिधि हिमांशु ने बताया कि लगभग 93 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कुछ काम एचटी का बचा हुआ है। रानीबाग इलाके में पानी भरने की वजह से काम में थोड़ी देरी हो गई।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम में देरी होने पर पेनाल्टी स्वरूप कटौती की जाएगी। हमारी तरफ से काम खत्म किए जाने की समय सीमा लगभग पूरी हो चुकी है। 15 सितंबर के बाद फर्म पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। बांस-बल्ली हटवाने का काम मुख्यमंत्री की प्राथमिकता का काम है। अभियंता इसमें लगातार अपनी नजर बनाए हुए थे। इसके बाद भी फर्म की तरफ से लापरवाही की गई है।
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विद्युत निगम की बांस-बल्ली योजना के तहत शहर के कई इलाकों से बांस-बल्ली हटाकर पोल और तार लगाने का ठेका गाजियाबाद के मेसर्स पावर टेक को दिया गया था। काम को पूरा करने के लिए 30 अगस्त की समय सीमा निर्धारित की गई थी। सितंबर के पहले सप्ताह में भी काम की धीमी रफ्तार देखते हुए अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर फर्म को काली सूची में डालने की अनुशंसा की थी। फर्म को भी नोटिस मिलने पर काम में तेजी आई। लेकिन काम पूरा न हो सका। अब अधीक्षण अभियंता ने अपनी तरफ से काम के लिए समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया है।
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उन्होंने अपने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया है कि 15 सितंबर के बाद जिनके खंड में योजना के तहत काम अधूरा मिले, वे मुकदमा दर्ज कराएं। इसके अलावा 30 अगस्त के बाद काम में देरी होने पर उक्त समयावधि तक अनुबंध की शर्तों के अनुसार भुगतान में कटौती की जाएगी। मेसर्स पावर टेक के स्थानीय प्रतिनिधि हिमांशु ने बताया कि लगभग 93 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कुछ काम एचटी का बचा हुआ है। रानीबाग इलाके में पानी भरने की वजह से काम में थोड़ी देरी हो गई।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम में देरी होने पर पेनाल्टी स्वरूप कटौती की जाएगी। हमारी तरफ से काम खत्म किए जाने की समय सीमा लगभग पूरी हो चुकी है। 15 सितंबर के बाद फर्म पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। बांस-बल्ली हटवाने का काम मुख्यमंत्री की प्राथमिकता का काम है। अभियंता इसमें लगातार अपनी नजर बनाए हुए थे। इसके बाद भी फर्म की तरफ से लापरवाही की गई है।