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Gorakhpur News: बिजली निगम को नहीं मिल रहे 6800 मीटरों के रिकॉर्ड
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- रिकॉर्ड के अभाव में उपभोक्ताओं के नहीं बन पा रहे बिल, सिलिंग स्लिप जमा करने के निर्देश
वाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली निगम को उपभोक्ताओं के परिसर से उतारे गए 6800 पुराने मीटरों का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मीटरों की है, जिनकी सिलिंग स्लिप भी निगम के पास उपलब्ध नहीं है। रिकॉर्ड न होने की वजह से उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। बिल के लिए उपभोक्ता उपकेंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
इस स्थिति को देखते हुए बिजली निगम ने जीनस कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उतारे गए सभी मीटर और सिलिंग स्लिप जल्द से जल्द परीक्षण खंड में जमा कराएं। निगम की ओर से 23 नवंबर तक यूसी-3 में रिजेक्ट किए गए 3787 मीटरों को 30 नवंबर तक उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इनमें विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला-प्रथम के 1736 मीटर, विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला, कैंपियरगंज के 1135 और विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला, चौरीचौरा के 916 मीटर शामिल हैं।
इसके अलावा निगम ने जीनस कंपनी को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने के साथ-साथ उतारे गए पुराने मीटर और सिलिंग स्लिप तीन दिन के भीतर परीक्षण खंड में जमा कराएं। जीनस कंपनी के प्रबंधक राकेश सिंह ने दावा किया कि पुराने सभी मीटर बिजली निगम को सौंप दिए गए हैं लेकिन बिजली निगम अभी भी 6800 मीटर लंबित बता रहा है। बिजली निगम के मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि कंपनी को निर्देश दिया गया है कि उतारे गए सभी मीटर और सिलिंग स्लिप जल्द से जल्द परीक्षण खंड में जमा कराएं।
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वाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली निगम को उपभोक्ताओं के परिसर से उतारे गए 6800 पुराने मीटरों का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मीटरों की है, जिनकी सिलिंग स्लिप भी निगम के पास उपलब्ध नहीं है। रिकॉर्ड न होने की वजह से उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। बिल के लिए उपभोक्ता उपकेंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
इस स्थिति को देखते हुए बिजली निगम ने जीनस कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उतारे गए सभी मीटर और सिलिंग स्लिप जल्द से जल्द परीक्षण खंड में जमा कराएं। निगम की ओर से 23 नवंबर तक यूसी-3 में रिजेक्ट किए गए 3787 मीटरों को 30 नवंबर तक उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इनमें विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला-प्रथम के 1736 मीटर, विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला, कैंपियरगंज के 1135 और विद्युत परीक्षण प्रयोगशाला, चौरीचौरा के 916 मीटर शामिल हैं।
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इसके अलावा निगम ने जीनस कंपनी को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने के साथ-साथ उतारे गए पुराने मीटर और सिलिंग स्लिप तीन दिन के भीतर परीक्षण खंड में जमा कराएं। जीनस कंपनी के प्रबंधक राकेश सिंह ने दावा किया कि पुराने सभी मीटर बिजली निगम को सौंप दिए गए हैं लेकिन बिजली निगम अभी भी 6800 मीटर लंबित बता रहा है। बिजली निगम के मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि कंपनी को निर्देश दिया गया है कि उतारे गए सभी मीटर और सिलिंग स्लिप जल्द से जल्द परीक्षण खंड में जमा कराएं।
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