उपभोक्ता पर गिरी बकाया की बिजली: घर भेजा गया 17 करोड़ 76 लाख का बिल, डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
निर्धारित तिथि तक इस बिल का भुगतान न करने पर एसडीओ ने बिना जांच के ही धारा-3 के तहत नोटिस जारी कर दिया। डीएम के आदेश पर शनिवार को नया बिल जारी किया गया है। अब उनको 35614 रुपये का भुगतान करना होगा।
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां देवरिया मलकौली निवासी राम नगीना के बिजली कनेक्शन का गलत मीटर रीडिंग कर 6/ मार्च 2021 जारी बिल के अनुसार 17 करोड़ 76 लाख 93 हजार 925 रुपये का बिल आने के बाद महकमें की पोल खुल गई। इस मामले में उपभोक्ता ने डीएम से शिकायत की।
डीएम आशुतोष निरंजन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए गलत फीडिंग करने वाले मीटर रीडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया, साथ ही उन्होंने अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। मीटर रीडर ने बिल्ड यूनिट 35 के सापेक्ष 9 लाख 40 हजार का गलत बिल डिमांड भर दिया। जिससे बिल की राशि अधिक हो गई थी। निर्धारित तिथि तक इस बिल का भुगतान न करने पर एसडीओ ने बिना जांच के ही धारा-3 के तहत नोटिस जारी कर दिया। डीएम के आदेश पर शनिवार को नया बिल जारी किया गया है। अब उनको 35614 रुपये का भुगतान करना होगा।
रामनगीन का मामला सिर्फ वानगी भर है। आए दिन फाल्स बिलिंग से उपभोक्तओं के दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही है। किसी का एक कमरा तो किसी का दो कमरे की मकान है और कई सालों पहले कनेक्शन लिया था। इनका बिजली का बिल माह में दो से तीन सौ रुपए आना चाहिए था, लेकिन बिजली बिल बनाने वाली एजेंसी की लापरवाही से करोड़ों और लाखों रुपये के बिल इनके पास पहुंच गए है। इन उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर रकम जमा करने को कहा जा रहा है।
केस एक
शहर के मालवीय रोड निवासी बालकृष्ण का मीटर रीड़िग गलत लेकर हर माह 615 रुपए की जगह 2.69 लाख रुपए का फाल्स बिल जमा करने का मैसेज मोबाइल नंबर निगम ने भेजा है। अचानक एक माह आने से परेशान हो गए। उन्होंने बिल सुधार करने की गुहार लगाई है।
केस दो
बघौचघाट थाना क्षेत्र के मेदीपट्टी गांव निवासी गोपीचंद यादव को दो कमरे का मकान है। बिल तैयार करने वाली एजेंसी ने 40 करोड़ रूपए का बिजली बिल भेज दिया था। करोड़ों रुपए की बकाया रकम को देख कर उपभोक्ता के होश उड़ गए। जब उन्होंने बिल सुधार के लिए शिकायत किया तो जिम्मेदारों को होश आया।
अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने कहा कि राम नगीना का बिल 30 अक्तूबर को गलत जारी हो गया था। जबकि नए बिल के अनुसार 35,614 रुपये देने होंगे। जिसमें 20912 रुपये विद्युत मूल्य के तथा 11,486 रुपये सरचार्ज मद में है। यदि ये निर्धारित तिथि से पूर्व बिल का भुगतान करते हैं, तो इन्हें 11,484 रुपये सरचार्ज की छूट भी मिलेगी।