गोरखपुर: बड़े बेटे ने बुजुर्ग बाप को घर से निकाला, पूर्वांचल बैंक के मैनेजर पद से हुए हैं रिटायर्ड
पूर्वांचल बैंक के मैनेजर पद से रिटायर्ड हुए हैं 78 वर्षीय हरिशंकर सिंह, गुरुग्राम में नौकरी करने वाले छोटे बेटे की मदद से किराए के घर में रह रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्वांचल बैंक के मैनेजर पद से रिटायर्ड 78 वर्षीय हरिशंकर सिंह को उनके बड़े बेटे सुनील सिंह ने घर से निकाल दिया है। आरोप है कि रुपये हड़पने के लिए सुनील सिंह ने यह हरकत की है। अब वह अपने छोटे बेटे अजय सिंह की मदद से सहारा स्टेट में किराए के कमरे में रहने को मजबूर हैं। मामले की शिकायत वह रामगढ़ताल थाने से लेकर डीएम तक से कर चुके हैं। डीएम की ओर से रामगढ़ताल थाने की पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन पुलिस ने दो माह बाद भी रिपोर्ट नहीं दी।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के रुद्रपुर के मूल निवासी हरिशंकर सिंह पूर्वांचल बैंक में मैनेजर थे। भरवलिया में उन्होंने एक मकान बनवाया था, जिसमें परिवार के साथ रहते थे। आरोप है कि 4 मई 2021 को बड़े बेटे सुनील सिंह ने उनके खाते से जबरन रुपये निकाल लिए। इसके बाद उन्हें घर में बंधक बना लिया। इसकी जानकारी जब उनकी बेटी को हुई तो उसने अपने छोटे भाई अजय प्रताप सिंह, जो गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं, को सूचना दी। इसके बाद अजय सिंह घर आए और बड़े भाई से पिता की प्रताड़ना की वजह पूछी तो सुनील सिंह मारपीट पर उतारू हो गया।
इसके बाद अजय पिता को लेकर पहले रिश्तेदार और फिर सहारा स्टेट में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। इस दौरान कई बार रामगढ़ताल थाने में प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए डीएम से मिले तो सात मई 2021 को पुलिस ने धमकी देने का केस दर्ज किया। इसमें भी आगे कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बड़ा बेटा उनकी संपत्ति हड़पने के लिए ऐसा कर रहा है। हालांकि बड़ा बेटा अपने छोटे भाई पर यही आरोप लगाता है।
छोटे भाई के बहकावे में हैं पिता
बड़ा बेटा सुनील सिंह ने कहा कि पिता छोटे भाई अजय के बहकावे में हैं। वह सब कुछ बेचकर गुरुग्राम जाना चाहता है। इसी वजह से उसने कई प्रापर्टी पिता से बेचवा दी है। मकान मां के नाम पर है, जिनकी मौत हो चुकी है। मैंने पिता को नहीं निकाला। वह जब चाहें आकर रह सकते हैं। भाई के बहकावे में आकर वह प्रार्थनापत्र दे रहे हैं। इस संबंध में कई बार परिवार में पंचायत हो चुकी, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मार्च-अप्रैल में एक बार फिर पंचायत होनी है।
एसएसपी विपिन टाडा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी हासिल करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है, उसकी भी जांच की जाएगी।