UP Election 2022: वोट डालने के लिए बुजुर्गों में भी युवकों जैसा उत्साह, 80 साल से अधिक उम्र के 61 हजार वोटर
ददरी गांव के शंभू शाही की उम्र 90 साल की हो गई है। मुश्किल से पुरानी बातों को याद कर पाते हैं। शंभू बताते हैं कि वे हर चुनाव में वोट जरूर डालते हैं। इसी तरह कैंपियरगंज क्षेत्र के खजुरगांवा निवासी पियारे की उम्र करीब 90 साल की हो चुकी है।
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आजाद भारत के पहले आम चुनाव से लेकर अब तक के हर चुनाव में मतदान करने वाले ददरी गांव के 90 वर्षीय शंभू शाही और खजुरगांवा टोला पंडितपुर निवासी नंद कुमार पांडेय इस बार भी मतदान को लेकर काफी उत्साहित हैं। इनका कहना है कि मतदान करके बहुत अच्छा लगता है। अब तक सभी चुनावों में वोट करता रहा हूं। इस बार भी करूंगा।
ददरी गांव के शंभू शाही की उम्र 90 साल की हो गई है। मुश्किल से पुरानी बातों को याद कर पाते हैं। शंभू बताते हैं कि वे हर चुनाव में वोट जरूर डालते हैं। इसी तरह कैंपियरगंज क्षेत्र के खजुरगांवा निवासी पियारे की उम्र करीब 90 साल की हो चुकी है। मध्य प्रदेश की किसी कोयला खदान में काम कर चुके पियारे ने 1962 के आम चुनाव में पहली बार वोट डाला था।
वह हर चुनाव में वोट डालने के लिए उत्साहित रहते हैं। इसी गांव के नंद कुमार पांडेय की उम्र करीब 85 साल है। वह भी मतदान के लिए काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि किसी अच्छे प्रत्याशी को वोट देकर अच्छा लगता है। हर किसी को अपने वोट का प्रयोग जरूर करना चाहिए। इन बुजुर्गों के शरीर में ताकत भले न हो, लेकिन वोट डालने के लिए गजब का उत्साह है।
80 साल से अधिक उम्र के 61 हजार वोटर
जिले में 61,833 वोटर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 80 साल से ऊपर है। इनमें कैंपियरगंज में 7397, पिपराइच में 6684, गोरखपुर ग्रामीण में 5344, गोरखपुर शहर में 5749, सहजनवां में 8070, खजनी में 7784, चौरीचौरा में 6307, बांसगांव में 8048, चिल्लूपार में 6450 मतदाता हैं। इनमें से कुछ ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने आजादी के बाद वर्ष 1952 में हुए पहले आम चुनाव में भी मतदान किया था।