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Gorakhpur: थाना दिवस पर बुजुर्ग ने काटा अपने हाथों की नस, बोला- 25 साल से न्याय के लिए भटक रहा
Sat, 28 May 2022 03:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 28 May 2022 03:30 PM IST
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बुजुर्ग ने काटा हाथों की नस।
- फोटो : अमर उजाला।
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बड़हलगंज कोतवाली में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस पर आए बुजुर्ग ने एसडीएम को पत्र दिया और बाहर निकलकर अपने दोनों हाथों को ब्लेड से काट लिया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के बाद पुलिस ने घर ले जाकर छोड़ दिया।
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बड़हलगंज क्षेत्र के बिशुनपुरा गांव निवासी वृद्ध रामलखन शर्मा ने पत्र में कहा है कि सन् 1996 में हमारे पड़ोसी अपने घर के सामने 27 क रकबा 174 से बची 15 डिस्मिल जमीन लिखवा लिया। मैं उसी रकबे में बची 17.5 डिस्मिल जमीन 1997 में लिख जाता हूं। मैं अपने मां-बाप का एकमात्र संतान हूं। मैं पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रहता हूं। जमीन लिखवाने के बाद मैं पश्चिम बंगाल चला गया। तीन साल तक घर नहीं आ पाया।
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इसी बीच हमारे पड़ोसी द्वारा अपने बुढ़े पिता को आगे कर तत्कालीन ग्राम प्रधान से जमीन खरीद लेता है। फिर मुझे विश्वास में लेकर मेरे साथ विश्वासघात कर मेरे जमीन पर सार्वजनिक रास्ता बना दिया जाता है। जिससे मेरे सम्मान पर ठेस पहुंच गया। 25 साल से मैं हर स्तर से लड़ाई लड़ रहा हूं फिर भी मेरी जमीन मुझे नहीं मिली। जब भी मेरी जमीन की पैमाइश का समय आता है तब किसी न किसी कारण से पैमाइश नहीं कराने दिया जाता है।
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