Bakrid 2021: ईद उल अजहा आज, घरों में ही की जाएगी कुर्बानी
देर रात तक होती रही बकरों की खरीद फरोख्त, मस्जिदों के पास की गई सफाई
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उधर, शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में मंगलवार को ईद उल अजहा की तैयारियां जोर-शोर से होती दिखाई दीं। कोरोना और महंगाई का असर बकरों की कीमतों पर नजर आया। बाजार में बकरे छह हजार से 45 हजार रुपये तक बिके। कुछ बकरों की कीमत अस्सी हजार रुपये तक भी लगाई गई।
शहर के इलाहीबाग, उर्दू बाजार, शाह मारूफ, खूनीपुर, रेती रोड, तुर्कमानपुर, चक्शा हुसैन, जाहिदाबाद, अस्करगंज, जाफरा बाजार, उंचवा, गोरखनाथ, रसूलपुर आदि जगहों पर देर रात तक क़ुर्बानी के जानवर खरीदने के लिए लोग मोलभाव करते दिखे।
सेवइयां और मेवे भी खूब बिके
नखास के दुकानदार मुअज्जम सिद्दीकी के मुताबिक ईद उल अजहा पर सेवइयां, शीर खुरमा, शीर आदि मीठे पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों की भी खूब खरीदारी हुई। नखास के साथ ही उर्दू बाजार, जाफरा बाजार, गोरखनाथ में भी सेवइयां, मेवे, खोवा की दुकानें सजी थीं।
सब्जी विक्रेता फिरोज निहाली के मुताबिक मसाला, प्याज, लहसुन, अदरख आदि की भी जमकर खरीदारी हुई। रेती के कपड़ा कारोबारी नबीन के मुताबिक त्योहार के मद्देनजर कुर्ता पायजामा आदि कपड़े भी लोगों ने खूब खरीदे हैं।
कुर्बानी स्थलों को पर्दे लगाकर ढकने की अपील
हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि निजी स्थलों पर सामूहिक कुर्बानी का भी ऐहतमाम किया जाएगा। उन्होंने सामूहिक कुर्बानी स्थलों को पर्दे लगाकर ढकने की अपील की है। कारी मो. अनस रजवी ने अपील की है कि कुर्बानी से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को गड्ढों में दफन करें। कुर्बानी की खाल सदका करें या किसी दीनी इदारे को दें। मदरसों को अच्छी रकम से भी नवाजें।