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Gorakhpur News: छह माह बाद भी इको पार्क अधूरा, जल्द पूरा कराएं काम
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गोरखपुर। राप्ती तट पर एकला बांध में विकसित इको पार्क के लोकार्पण के छह माह बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान पार्क की बदहाल व्यवस्था सामने आने पर मेयर ने अधिकारियों को सभी अधूरे कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्क को विकसित करने का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
मेयर ने अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सहायक नगर अधिकारी अविनाश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं झूले टूटे मिले तो कहीं सजावटी खंभे टेढ़े हो गए थे। नालियां आपस में जुड़ी नहीं होने के कारण बारिश के बाद पार्क में जगह-जगह जलभराव की स्थिति मिली। मुख्य द्वार से अंदर की ओर मिट्टी बहने की समस्या भी सामने आई।
मेयर ने जलभराव की समस्या पर नाराजगी जताते हुए नालियों की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान पार्क में पानी भरने के कारण कई बार लोगों को प्रवेश से रोकना पड़ता है। लोकार्पण के बाद से पार्क में पर्यटकों का आगमन भी बंद है।
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मियावाकी वन के रखरखाव पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान पार्क में विकसित मियावाकी वन के रखरखाव पर भी सवाल उठे। वहीं प्रस्तावित 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने का काम भी अब तक नहीं हुआ है। मेयर ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और पार्क की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
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41.50 करोड़ की परियोजना, फिर भी अधूरे काम
एकला बांध पर इको पार्क समेत समग्र परियोजना पर 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विशाल कूड़े के ढेर को हटाने में नौ करोड़ रुपये और इको पार्क विकसित करने में 4.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। फोरलेन सड़क निर्माण पर 28 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वहीं, 2.26 लाख टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण का काम भी कराया गया। इससे मुक्त हुई 40 एकड़ जमीन के कुछ हिस्से पर सिटी फॉरेस्ट और इको पार्क विकसित किया जा रहा है।
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मेयर ने अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सहायक नगर अधिकारी अविनाश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं झूले टूटे मिले तो कहीं सजावटी खंभे टेढ़े हो गए थे। नालियां आपस में जुड़ी नहीं होने के कारण बारिश के बाद पार्क में जगह-जगह जलभराव की स्थिति मिली। मुख्य द्वार से अंदर की ओर मिट्टी बहने की समस्या भी सामने आई।
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मेयर ने जलभराव की समस्या पर नाराजगी जताते हुए नालियों की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान पार्क में पानी भरने के कारण कई बार लोगों को प्रवेश से रोकना पड़ता है। लोकार्पण के बाद से पार्क में पर्यटकों का आगमन भी बंद है।
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मियावाकी वन के रखरखाव पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान पार्क में विकसित मियावाकी वन के रखरखाव पर भी सवाल उठे। वहीं प्रस्तावित 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने का काम भी अब तक नहीं हुआ है। मेयर ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और पार्क की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
41.50 करोड़ की परियोजना, फिर भी अधूरे काम
एकला बांध पर इको पार्क समेत समग्र परियोजना पर 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विशाल कूड़े के ढेर को हटाने में नौ करोड़ रुपये और इको पार्क विकसित करने में 4.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। फोरलेन सड़क निर्माण पर 28 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वहीं, 2.26 लाख टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण का काम भी कराया गया। इससे मुक्त हुई 40 एकड़ जमीन के कुछ हिस्से पर सिटी फॉरेस्ट और इको पार्क विकसित किया जा रहा है।