खुद फंसी पुलिस: गोरखपुर में सीसीटीवी ने दिया धोखा...अब आ गई जेल जाने की नौबत
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि कुछ थानों के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह जल्द से जल्द कैमरों को दुरुस्त कराए। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।
विस्तार
गोरखपुर जिले के थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे रख रखाव के अभाव में खराब हो गए हैं। इसकी सच्चाई पिपइराच थाने में सामने आई है तो खुद दरोगा को ही जेल जाने की नौबत आ गई है। दरअसल, एक अधिवक्ता ने दरोगा पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
पुलिस सीसीटीवी से सच्चाई जानने की कोशिश की तो पता चला कि कैमरा ही खराब है। अब ऐसे में दरोगा ने मारपीट नहीं की है, इसे पुष्ट करना टेढ़ी खीर हो गई है। मामला उजागर होने के बाद एसपी नार्थ ने सभी थानों के कैमरे को दुरुस्त कराने का आदेश भी जारी कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच थाने के जंगल धूषण बड़ी रेववहिया गांव निवासी अश्वनी पांडेय दीवानी कचहरी में अधिवक्ता हैं। उनकी पत्नी सोनम पांडेय ने उनके खिलाफ एक प्रार्थना पत्र दिया और उत्पीड़न का आरोप लगाया। जनसुनवाई अधिकारी एसएसआई सोनेंद्र सिंह राठौर ने महिला के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पति को फोन कर दिया।
इसे भी पढ़ें: थाना-तहसील के बीच में चकरघिन्नी बन जाते फरियादी, सीएम को पीड़ा सुनाई, अब शुरू हुई सुनवाई
अधिवक्ता थाने में गए और आरोप लगाया कि दरोगा ने मारपीट की। आरोप है कि एसएसआई सोनेंद्र सिंह अकारण आग बबूला हो गए। भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहने लगे कि वकील के ड्रेस में थाने में आकर दबाव बना रहे हैं। गाली देने से मना करने पर वह थप्पड़ मारने लगे।
पिटाई से श्रवण क्षमता पर प्रभाव पड़ा है। फिर उसी दिन शाम में आकर माफी मांगते हुए धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अधिवक्ता ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें दरोगा हाथ उठाते नजर आए। दरोगा ने बयान में बताया कि वह बैठने को बोल रहे थे। अब इसकी सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा देखना चाहा तो खराब मिला।
इसे भी पढ़ें: 23 फीसदी लोगों को मनोरोगी बना गया कोरोना, शोध में हुआ खुलासा
इसलिए जरूरी हो गया है सीसीटीवी कैमरा
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि कुछ थानों के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह जल्द से जल्द कैमरों को दुरुस्त कराए। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।