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Gorakhpur News: चटोरी गली का स्वाद हुआ महंगा, 30 प्रतिशत तक बढ़े व्यंजनों के दाम
Fri, 08 May 2026 02:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 08 May 2026 02:35 AM IST
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गोरखपुर। चटोरी गली में इन दिनों दुकानदारों ने कई व्यंजनों के दाम में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत और बढ़ती कीमत की वजह से यह निर्णय लिया गया है। इसमें कवाब-पराठा, टिक्की चाट और छोले-भटूरे जैसे पसंदीदा व्यंजन शामिल हैं। साथ ही दुकानदारों ने अब गैस की जगह भट्ठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
गैस सिलिंडर न मिलने और बढ़ती लागत के कारण दुकानदारों ने व्यंजनों में पांच से बीस रुपये का इजाफा किया है। इसके चलते जो वेज कवाब पराठा पहले 60 रुपये का मिलता था, वह अब 80 रुपये का हो गया है। इसी तरह टिक्की चाट के दाम 40 रुपये से बढ़कर 45 रुपये और छोले-भटूरे 100 रुपये से 120 रुपये प्रति प्लेट पहुंच गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि पुराने रेट पर काम करना मुश्किल है। इसके साथ ही महंगाई और सिलिंडर की कमी से निपटने के लिए कई दुकानदारों ने मिट्टी और ईंट की भट्ठियां बनवा ली हैं। अब कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल से खाना तैयार किया जा रहा है।
दुकानदारों से बातचीत
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्या इनकी काफी किल्लत है। हमें जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लागत इतनी बढ़ गई है कि पुराने रेट पर दुकान चलाना काफी मुश्किल है।
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- उपेंद्र यादव, दुकानदार, चटोरी गली
गैस सिलिंडर के भरोसे बैठे रहेंगे तो कारोबार ठप हो जाएगा। ऐसे में तीन भट्ठियां बनवा ली हैं। इसमें से एक दुकान में और दो दुकान के बाहर है। अब ज्यादातर काम इन भट्ठियों के सहारे ही हो रहा है। हमने 20 से 30 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए हैं।
- दिग्विजय सिंह, दुकानदार, चटोरी गली
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गैस सिलिंडर न मिलने और बढ़ती लागत के कारण दुकानदारों ने व्यंजनों में पांच से बीस रुपये का इजाफा किया है। इसके चलते जो वेज कवाब पराठा पहले 60 रुपये का मिलता था, वह अब 80 रुपये का हो गया है। इसी तरह टिक्की चाट के दाम 40 रुपये से बढ़कर 45 रुपये और छोले-भटूरे 100 रुपये से 120 रुपये प्रति प्लेट पहुंच गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि पुराने रेट पर काम करना मुश्किल है। इसके साथ ही महंगाई और सिलिंडर की कमी से निपटने के लिए कई दुकानदारों ने मिट्टी और ईंट की भट्ठियां बनवा ली हैं। अब कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल से खाना तैयार किया जा रहा है।
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दुकानदारों से बातचीत
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्या इनकी काफी किल्लत है। हमें जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लागत इतनी बढ़ गई है कि पुराने रेट पर दुकान चलाना काफी मुश्किल है।
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- उपेंद्र यादव, दुकानदार, चटोरी गली
गैस सिलिंडर के भरोसे बैठे रहेंगे तो कारोबार ठप हो जाएगा। ऐसे में तीन भट्ठियां बनवा ली हैं। इसमें से एक दुकान में और दो दुकान के बाहर है। अब ज्यादातर काम इन भट्ठियों के सहारे ही हो रहा है। हमने 20 से 30 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए हैं।
- दिग्विजय सिंह, दुकानदार, चटोरी गली