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Gorakhpur News: प्राण घातक बीमारी के बारे में प्रारंभिक अवस्था पर शोध करेंगे डॉ. उदयभान
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. उदय भान सिंह को एसईआरबी की स्टेट यूनिवर्सिटी ने रिसर्च ग्रांट प्रदान किया गया है। उन्हें तीन वर्षों के शोध कार्यों के लिए 30 लाख रुपये दिए जाएंगे।
अपनी शोध परियोजना में डॉ. उदयभान नोबल मेटल नैनो-पार्टकिल्स का उपयोग करके ‘सरफेस इनहेंस्ड रमन स्केटरिंग’ सब्सट्रेट का निर्माण करेंगे। इसका उपयोग किसी भी प्राण घातक बीमारी के बारे में प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाकर सफल इलाज करने में भी किया सकता है। उन्हें इससे पहले भी यूजीसी की स्टार्टअप ग्रांट एवं आईयूएसी का प्रोजेक्ट ग्रांट मिल चुका है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 2007 में एमएससी उत्तीर्ण किया। वर्ष 2008 में जेआरएफ नेट क्वालीफाई करने के बाद पीएचडी जेएनयू के अंतर विवि त्वरक केंद्र से की। वर्ष 2016 में उनके शोध कार्यों के लिए उनका चयन जर्मनी की प्रतिष्ठित लिनडाऊ नोबल लौरेअटे मीटिंग में भारत के प्रतिनिधि के रूप में हुआ था। उनके करीब 50 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो राजेश सिंह, प्रो. अजय सिंह, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. विनोद सिंह, प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो लल्लन यादव, प्रो उमेश यादव, प्रो. राकेश तिवारी और डॉ विनीत सिंह आदि ने शुभकामनाएं दी है।
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अपनी शोध परियोजना में डॉ. उदयभान नोबल मेटल नैनो-पार्टकिल्स का उपयोग करके ‘सरफेस इनहेंस्ड रमन स्केटरिंग’ सब्सट्रेट का निर्माण करेंगे। इसका उपयोग किसी भी प्राण घातक बीमारी के बारे में प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाकर सफल इलाज करने में भी किया सकता है। उन्हें इससे पहले भी यूजीसी की स्टार्टअप ग्रांट एवं आईयूएसी का प्रोजेक्ट ग्रांट मिल चुका है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 2007 में एमएससी उत्तीर्ण किया। वर्ष 2008 में जेआरएफ नेट क्वालीफाई करने के बाद पीएचडी जेएनयू के अंतर विवि त्वरक केंद्र से की। वर्ष 2016 में उनके शोध कार्यों के लिए उनका चयन जर्मनी की प्रतिष्ठित लिनडाऊ नोबल लौरेअटे मीटिंग में भारत के प्रतिनिधि के रूप में हुआ था। उनके करीब 50 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो राजेश सिंह, प्रो. अजय सिंह, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. विनोद सिंह, प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो लल्लन यादव, प्रो उमेश यादव, प्रो. राकेश तिवारी और डॉ विनीत सिंह आदि ने शुभकामनाएं दी है।
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