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Coronavirus in Gorakhpur: अगर कोरोना का दिख रहा है लक्षण, तो यहां करा सकते हैं अपनी जांच
Sat, 20 Jun 2020 07:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 20 Jun 2020 07:51 PM IST
सार
- जांच के बाद लिया जाएगा जिला अस्पताल से नमूना
- ट्रैवेल हिस्ट्री और लक्षण के आधार पर कराई जाएगी जांच
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कोरोना वायरस।
- फोटो : PTI
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विस्तार
अगर आपको लगता है कि आप बीमार हैं और आप किसी कोरोना संदिग्ध के करीब आएं हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल के फ्लू कॉर्नर ओपीडी में ऐसे लोग अपनी जांच करा सकते हैं। डॉक्टर लक्षण के आधार पर कोरोना जांच की सलाह देंगे।
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इसके अलावा अगर निजी लैब से जांच कराने चाहंगे, तो शहर के दो के निजी लैब में भी जांच की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि सरकारी और निजी लैब में नमूना देने के बाद कम से कम रिपोर्ट के लिए 48 घंटे का इंतजार करना होगा। इस दौरान नमूना लेना देने वाला व्यक्ति 100 बेड टीबी अस्पताल, डेंटल कॉलेज और होम क्वारंटीन भी रह सकता हैं।
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कैसे कराएं जांच
अगर आप जिले के हैं और आपके घर या रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, तो विभाग ऐसे मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की खुद ही तलाश करके नमूना लेता है। नमूना लेने के बाद उन्हें 100 बेड टीबी अस्पताल या फिर डेंटल कॉलेज गीडा में क्वारंटीन कर देता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें जरूरत के अनुसार एल-वन और एल-टू कोविड- अस्पताल में भर्ती कराता है।
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यदि आप दूसरे जनपद या फिर अन्य प्रदेश के हैं, और आपको लगता है कि कोरोना जांच होनी चाहिए, तो ऐसे लोग जिला अस्पताल या फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फ्लू कॉर्नर ओपीडी में दिखा सकते हैं। डॉक्टर ट्रैवेल हिस्ट्री और लक्षण के आधार पर जांच कराने की सलाह देंगे। अगर इस बीच नमूना लिया जाता है, तो जिला अस्पताल, 100 बेड टीबी अस्पताल या डेंटल कॉलेज गीडा में रिपोर्ट न आने तक भर्ती होना होगा। गंभीर न होने की स्थिति में होम क्वारंटीन भी रह सकते हैं।
बीआरडी में होती है जांच
जिले में केवल बीआरडी में ही जांच की सुविधा है। बीआरडी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में गोरखपुर मंडल के चार जिलों की जांच हो रही हैं। इनमें गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज जिला शामिल है। यही वजह है कि जांच में देरी हो रही है।
क्योंकि मौजूदा समय में केवल 250-300 के बीच जांच 24 घंटे में हो पा रही है। इसके अलावा आरएमआरसी में भी जांच की सुविधा है। लेकिन आरएमआरसी को बस्ती मंडल समेत आजमगढ़ मंडल के जिलों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दो निजी लैब को भी मिली हैं जांच की सुविधा
जिले में एसआरएल और पैथकाइंड निजी लैब को भी जांच की सुविधा मिली है। यह लैब नमूना लेकर गुरुग्राम और नोएडा जांच के लिए भेजते हैं। इस दौरान कम से कम 48 और अधिकतम 72 घंटे का समय लगता है। निजी लैब से नमूना लेने के बाद अलक्षणिक मरीज होम क्वारंटीन और गंभीर मरीज निजी अस्पताल में भर्ती रह सकता है।
इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
मरीजों को कोई दिक्कत होने पर सरकार के टाल फ्री नंबर 1800-180-5145 या फिर सीएमओ के सीयूजी नंबर 8005192660 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला समेत हर सीएचसी पीएचसी पर बनेगा हेल्प डेस्क
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों की सुविधा को देखते हुए जिला अस्पताल समेत हर सीएचसी-पीएचसी पर हेल्पडेस्क बनाया जाएगा। इसे लेकर शासन की ओर से निर्देश भी मिले हैं। बताया कि हेल्प डेस्क पर इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स आक्सीमीटर के साथ पैराइमेडिकल स्टाफ तैनात किए जाएंगे। हेल्प डेस्क पर बोर्ड लगाकर बुखार के रोगियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
क्योंकि मौजूदा समय में केवल 250-300 के बीच जांच 24 घंटे में हो पा रही है। इसके अलावा आरएमआरसी में भी जांच की सुविधा है। लेकिन आरएमआरसी को बस्ती मंडल समेत आजमगढ़ मंडल के जिलों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दो निजी लैब को भी मिली हैं जांच की सुविधा
जिले में एसआरएल और पैथकाइंड निजी लैब को भी जांच की सुविधा मिली है। यह लैब नमूना लेकर गुरुग्राम और नोएडा जांच के लिए भेजते हैं। इस दौरान कम से कम 48 और अधिकतम 72 घंटे का समय लगता है। निजी लैब से नमूना लेने के बाद अलक्षणिक मरीज होम क्वारंटीन और गंभीर मरीज निजी अस्पताल में भर्ती रह सकता है।
इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
मरीजों को कोई दिक्कत होने पर सरकार के टाल फ्री नंबर 1800-180-5145 या फिर सीएमओ के सीयूजी नंबर 8005192660 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला समेत हर सीएचसी पीएचसी पर बनेगा हेल्प डेस्क
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों की सुविधा को देखते हुए जिला अस्पताल समेत हर सीएचसी-पीएचसी पर हेल्पडेस्क बनाया जाएगा। इसे लेकर शासन की ओर से निर्देश भी मिले हैं। बताया कि हेल्प डेस्क पर इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स आक्सीमीटर के साथ पैराइमेडिकल स्टाफ तैनात किए जाएंगे। हेल्प डेस्क पर बोर्ड लगाकर बुखार के रोगियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।