सांप ने डस लिया तो बिल्कुल न करें ये काम, तत्काल पहुंचाएं अस्पताल, डॉक्टरों ने दी ये खास सलाह
- बरसात में बढ़ गए सर्पदंश के मामले
- जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे एक-दो मरीज
- जिला अस्पताल में पर्याप्त एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध: एसआईसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरसात का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं। गोरखपुर जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे एक या दो मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल में ऐसे 11 लोग पहुंच चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें किसी की मौत नहीं हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश में सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही जान ले सकती है।
जिला अस्पताल में आए मामलों में दो ऐसे थे, जिनमें सर्पदंश से पीड़ित मरीज को एंटी स्नैक वेनम के पांच से अधिक वायल लगाने पड़े हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जिनको वायल किट अधिक लगे हैं, वे ज्यादा गंभीर थे। उनको जहरीले सांप ने कई बार डस लिया था।
उन्होंने बताया कि इस वक्त जिला अस्पताल में एक से दो केस प्रतिदिन आ रहे हैं। जुलाई में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी स्नैक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
90 प्रतिशत सांप नहीं होते हैं जहरीले
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गोरखपुर इलाके में 90 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। केवल 10 प्रतिशत सांप काफी जहरीले हैं। इनके डसने से मौत भी हो सकती है।
अगर सांप ने डस लिया तो यह बिल्कुल न करें
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगर किसी को सांप ने डस लिया है, तो शरीर के उस जगह पर कोई भी हरकत न करें और न ही रस्सी बांधे। कई बार लोग जानकारी के अभाव में सांप डसने वाली जगह के आसपास रस्सी या फिर अन्य चीजों से बांध देते हैं।
इससे उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है, जो और ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है। इसलिए ऐसी जगहों को बिल्कुल बांधे नहीं। केवल वहां पर निशान लगाकर तत्काल अस्पताल पहुंचें। झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें।
पिछले साल खर्च हुए थे 11000 से अधिक वायल
पिछले साल एंटी स्नैक वैनम के 11000 से अधिक वायल किट खर्च हुए थे। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जहरीले सांप के डसने पर एक मरीज को कम से कम पांच वायल किट लगाने पड़ते हैं। कभी-कभार स्थिति बिगड़ जाती है, तो 15-20 वायल किट लगाने पड़ते हैं। यही वजह है कि वायल किट अधिक खर्च होते हैं।
हर सीएचसी-पीएचसी पर भी उपलब्ध है वायल: सीएमओ
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि एंटी स्नैक वेनम हर सीएचसी और पीएचसी पर भी उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर किसी को सांप डसता है, तो वह झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़े। तत्काल सीएचसी-पीएचसी या जिला अस्पताल पर आकर इलाज कराए।