UP Chunav 2022: 'नेताजी' की आर्थिक मदद करने वालों पर गिर सकती है गाज, आयकर विभाग जुटा रहा जानकारी
एसीआईटी आयकर विभाग राममनोहर श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव के दौरान 50 हजार से अधिक नकदी लेकर चलने पर कुछ जरूरी कागजात भी साथ होना जरूरी है। ऐसे व्यक्ति को अपना पहचान पत्र, रुपये का स्रोत और कहां लेकर जा रहे हैं, इसे साबित करने के लिए जरूरी प्रमाण पत्र होना चाहिए।
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गोरखपुर जिले के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को चंदा देने वालों पर भी आयकर विभाग की नजर है। ऐसे व्यापारियों व ठेकेदारों पर चुनाव बाद कार्रवाई हो सकती है। विभागीय अफसर चुनावी खर्च में सहयोग देने वालों के विषय में पूरी छानबीन कर रहे हैं।
चुनाव में प्रत्याशी अपने खर्च के लिए परोक्ष रूप से व्यापारियों और ठेकेदारों की मदद लेते हैं। यह खर्च उम्मीदवारों के चुनावी ब्योरा में दर्ज नहीं होता है। इस तरीके से करोड़ों रुपये का लेन-देन हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग ने इस बार ऐसे चंदा दाताओं पर भी नजर गड़ा रखी है। आयकर विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ऐसे दानवीरों के आयकर रिटर्न की जांच कर कार्रवाई होगी।
अब तक केवल 47 लाख रुपये पकड़ी
चुनाव में अवैध नकदी का प्रवाह रोकने के लिए गठित पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने गोरखपुर जोन में कम ही नकदी पकड़ी है। आयकर विभाग के अफसरों के मुताबिक अब तक गगहा में 16 लाख और देवरिया में 23 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। इसके अलावा महराजगंज जिले में करीब आठ लाख रुपये पकड़े गए हैं। प्रशासनिक अफसरों की जांच में रुपये पकड़े जाने के बाद आयकर विभाग की टीम सक्रिय होती है।
रुपये का स्रोत बताना होगा
एसीआईटी आयकर विभाग राममनोहर श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव के दौरान 50 हजार से अधिक नकदी लेकर चलने पर कुछ जरूरी कागजात भी साथ होना जरूरी है। ऐसे व्यक्ति को अपना पहचान पत्र, रुपये का स्रोत और कहां लेकर जा रहे हैं, इसे साबित करने के लिए जरूरी प्रमाण पत्र होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर रुपये जब्त कर लिए जाएंगे। चुनाव में अधिक खर्च करने वालों पर भी विभाग नजर रखे हुए है।