Gorakhpur News: गोरखपुर में शोर के साथ थमा डीजे का कारोबार, इस वजह से कम हुई बुकिंग
डीजे की तेज आवाज के खिलाफ अभियान का असर नजर आ रहा है। डीजे की दुकानों की बुकिंग में साउंड बॉक्स की संख्या की कम हो गई है। पूर्व में कई लोगों ने छह- छह साउंड बॉक्स की बुकिंग कराई थी। लोगों ने दो साउंड बाक्स के अलावा अन्य के लिए जमा एडवांस रकम को वापस मांगना शुरू कर दिया है।
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गोरखपुर शहर में पुलिस की सक्रियता से पंडालों में डीजे का शोर थम गया है या फिर बहुत धीमी आवाज में बजाए जा रहे हैं। इससे लोगों को तो बड़ी राहत मिली है, लेकिन इसका कारोबार प्रभावित हो गया है। दुकानदार भी लोगों को मानक के अनुसार डीजे बजाने की सलाह दे रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बुकिंग तो नहीं घटी है, लेकिन साउंड की संख्या घट जाने से कमाई प्रभावित हुई है।
शहर में शोभायात्रा, जुलूस और प्रतिमा विसर्जन में तेज आवाज डीजे बजाने से लोगों को असुविधा होती है। गणेश प्रतिमा विसर्जन में परेशानी होने पर बसंतपुर मोहल्ले के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में अमर उजाला की ओर से अभियान चलाकर समाचारों का प्रकाशन किया गया। इसे संज्ञान में लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों में मानक के अनुरूप डीजे के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस प्रशासन के अधिकारियाें ने सक्रियता बढ़ा दी। दुर्गा पूजा समितियों और डीजे साउंड के कारोबारियों संग बैठक करके मानक का पालन करने को कहा। दो से अधिक साउंड बॉक्स लगाने की मनाही हो गई। इसके बाद से दो ही साउंड बॉक्स लगाए जा रहे हैं।
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शहर में 200 से अधिक डीजे संचालक, हर जगह चार से पांच बुकिंग
डीजे के काम से जुड़े लोगों का कहना है कि शहर में 200 से अधिक लोग हैं, जो डीजे की बुकिंग करते हैं। इसमें कई टेंट हाउस कारोबारी भी है। जो डीजे का सट्टा बुक करते हैं। करीब हर दुकान से चार से पांच डीजे सेट की बुकिंग हुई है। लेकिन इनमें उपकरणों की संख्या की घट गई है। सामान्य तौर पर डीजे का 20 से 25 हजार रुपये किराया है। लेकिन पूरा मामला पांच से सात हजार पर सिमट गया है।
दुर्गाबाड़ी धर्मशाला रोड पर साउंड के दुकानदार हैं। शुक्रवार की दोपहर 12.40 बजे डीजे की दुकान पर धीरू मिले। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अधिक साउंड बॉक्स की बुकिंग न करने की हिदायत दी है।
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लोग वापस मांग रहे एडवांस रकम, कम हो गए साउंड बॉक्स
त्योहार में एक दूसरे की होड़ में जमकर डीजे बजता था। प्रतिमा विसर्जन के दौरान फूहड़ गाने भी बजाने लगते थे। प्रशासन की सख्ती के बाद डीजे का शोर पंडालों में थम गया है। शुक्रवार को भी पंडालों में दो साउंड बॉक्स ही नजर आए। इनमें बेहद ही धीमी आवाज में गाने बजाए जा रहे थे। हालात यह है कि पंडाल के सामने से गुजरने पर ही भक्ति गीत सुनाई पड़ रहे हैं।
डीजे की तेज आवाज के खिलाफ अभियान का असर नजर आ रहा है। डीजे की दुकानों की बुकिंग में साउंड बॉक्स की संख्या की कम हो गई है। पूर्व में कई लोगों ने छह- छह साउंड बॉक्स की बुकिंग कराई थी। लोगों ने दो साउंड बाक्स के अलावा अन्य के लिए जमा एडवांस रकम को वापस मांगना शुरू कर दिया है।
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बोले कारोबारी
पन्ना साउंड विनोद कुमार ने कहा कि बुकिंग में कमी नहीं आई है। लेकिन उपकरण ज्यादा नहीं लगेंगे। इसलिए कमाई पर असर पड़ा है। अधिकांश लोग छोटे स्पीकर लगा रहे हैं। इसलिए एडवांस में दी गई रकम भी वापस लौटाने को कह रहे हैं। 15 से 20 हजार में बुक होने वाले सेट की जगह अब पांच से छह हजार रुपये मिल रहे हैं।
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राहगीर विपिन राय ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने पर रोक से राहत मिली है। पंडालों से गुजरने पर मधुर आवाज सुनाई पड़ रही है। इससे किसी को असुविधा नहीं होगी और अच्छा भी लग रहा है।
राहगीर शशांक सिंह ने कहा कि गोरखपुर शहर में अभी तक कहीं पर भी डीजे का शोर सुनने को नहीं मिला है। इससे माहौल काफी अच्छा है। पंडाल से गुजरने पर भी अच्छा लग रहा है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी इसी तरह की स्थिति रहनी चाहिए।