Gorakhpur News: गोरखपुर में 3900 प्रतिमाएं स्थापित, नहीं किए इंतजाम; दशहरा तक झेलिए जाम
गोरखपुर शहर के खोराबार थाना क्षेत्र में इस बार सर्वाधिक 151 प्रतिमा स्थापित हैं, जबकि कैंट में सबसे कम 60। सिटी इलाके में कुल 948, नार्थ में 1545 और साउथ एरिया में 1424 प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं। इसके साथ ही जिले में 40 जगहों पर रामलीला का मंचन हो रहा है, जहां पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।
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गोरखपुर के दशहरा में सड़कों पर पंडाल की वजह से जाम लगना तय है। शहर में तो वाहन लेकर निकलना मुश्किल ही होगा, क्योंकि कोई ऐसी गली या चौराहा नहीं है, जहां पर मूर्ति स्थापित नहीं की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में 3900 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। अब पंडाल के आसपास श्रद्धालुओं के भीड़ के अलावा अस्थायी दुकानें भी लगती हैं, जिस वजह से जाम की स्थिति उत्पन्न होनी तय है। ट्रैफिक पुलिस ने अब तक इसका खास हल भी नहीं ढूंढा है।
जानकारी के मुताबिक, दुर्गा प्रतिमाओं का पट सप्तमी को खुल जाता है, इसके बाद से ही लोग परिवार के साथ घूमने निकलते हैं। अष्टमी और नवमी को यह भीड़ बढ़ जाती है। दुर्गाबाड़ी के पास सिंगल रोड है, यहां पर दर्शन के लिए जाने की सबकी कोशिश होती है। दूसरे यहां पर खानपान और खिलौने के दुकानें भी लगती हैं, जिस वजह से जाम की स्थिति होती है।
इसके अलावा असुरन चौक पर ही दो पंडाल स्थापित किए गए हैं। इसी रास्ते लोग मेडिकल काॅलेज और बौलिया कॉलोनी में स्थापित प्रतिमा देखने को जाते हैं। धर्मशाला में भी सड़क पर ही पंडाल लगा है। यह सिर्फ कुछ उदाहरण हैं। इसी तरह मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, रुस्तमपुर जैसे कई महत्वपूर्ण मार्ग हैं, जहां पर प्रतिमाएं स्थापित हैं और भीड़ की वजह जाम लगना तय है। ऐसे में इस रोड से गुजरना मुश्किल होगा।
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प्रमुख पंडालों के पास नहीं है पार्किंग
शहर के कालाबड़ी, हांसूपुर, अलहदादपुर जैसे कई ऐसे प्रमुख मूर्ति स्थापना वाली जगह हैं, जहां पर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर आने वाले श्रद्धालु वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर दर्शन करना चाहते हैं और फिर यही जाम की वजह बनती है। यहां पर सड़क भी चौड़ी नहीं हैं।
दरोगा को बनाया गया नोडल
थानों पर दरोगा रैंक के पुलिसकर्मी को नोडल बनाया गया है। कितनी मूर्तियां बिकीं और कितने की अनुमति है। नोडल अफसर यह सुनिश्चित करेंगे कि बिना अनुमति के प्रतिमाएं स्थापित न होने पाए। साथ ही इस बार यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि मूर्तिकारों ने कितनी प्रतिमाएं उस थाना क्षेत्र, कितनी दूसरे थाना क्षेत्र व कितनी गैर जनपद भेजी हैं। मूर्तिकारों, आयोजकों और डीजे संचालकों से अलग-अलग बैठक की जा रही है।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गोरखपुर शहर में प्रतिमाओं के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जाम में न फंसना पड़े इसके लिए एसपी ट्रैफिक को जाम की समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। ताकि, इस पर कार्रवाई की जा सके और लोगों को जाम से परेशान न होना पड़ा। आम राहगीरों का भी ख्याल रखा जाएगा। किसी भी रोड को बंद नहीं किया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग से गुजारा जाएगा। बड़े वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। पूरी प्लानिंग की जा रही है। इसे अष्टमी से लागू कर दिया जाएगा।
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शहर में 948 और देहात में तीन हजार से ज्यादा प्रतिमाएं
शहर के खोराबार थाना क्षेत्र में इस बार सर्वाधिक 151 प्रतिमा स्थापित हैं, जबकि कैंट में सबसे कम 60। सिटी इलाके में कुल 948, नार्थ में 1545 और साउथ एरिया में 1424 प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं। इसके साथ ही जिले में 40 जगहों पर रामलीला का मंचन हो रहा है, जहां पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। सभी थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम पैदल गश्त भी कर रही है।
शहर इलाके में स्थापित प्रतिमाएं
| थाना | प्रतिमा की संख्या |
| कोतवाली | 87 |
| राजघाट | 119 |
| तिवारीपुर | 92 |
| कैंट | 60 |
| खोराबार | 151 |
| रामगढ़ताल | 128 |
| एम्स | 111 |
| गोरखनाथ | 92 |
| शाहपुर | 108 |
| टोटल | 948 |
| साउथ एरिया में | 1424 |
| नॉर्थ एरिया में | 1545 |