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Diwali 2021: दिवाली पर आपात स्थिति के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज तैयार, इन बातों का रखें विशेष ध्यान
Wed, 03 Nov 2021 10:48 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 03 Nov 2021 10:48 AM IST
सार
दिवाली पर आग से जलने के केस आने की आशंका रहती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में 25 बेड तैयार किए गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेडों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दिवाली पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोरखपुर जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज तैयार हैं। स्टाफ और डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। जिला अस्पताल में 25 और बीआरडी के बर्न वार्ड में 20 बेड रिजर्व किए गए हैं। जबकि हर सीएचसी में पांच-पांच बेड अलग कर दिए गए हैं। डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि दिवाली पर आग से जलने के केस आने की आशंका रहती है। इस संबंध में तैयारियां पूरी हैं। बर्न वार्ड में 25 बेड तैयार किए गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कोविड वार्ड के बेड भी खाली हैं। डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि हर सीएचसी पर पांच-पांच बेड रिर्जव किए गए हैं। सभी डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एसी श्रीवास्तव ने बताया कि 20 बेड अलग से रिर्जव किए गए हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
हाथ और पैर सहित शरीर का जो भी हिस्सा झुलस जाए, उसे कुछ देर तक पानी में रखें। इससे फफोले नहीं पड़ेंगे। अगर शरीर का झुलसा अंग पानी में डुबा नहीं सकते तो उस स्थान पर कपड़ा भिगोकर रख दें। जलने या झुलसने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लें। खुद दवा का इस्तेमाल न करें।
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ये काम न करें
त्वचा पर फफोले पड़ गए हैं तो उसे फोड़े नहीं। ऐसा करने से जले हुए हिस्से में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जले हुए हिस्से पर मिट्टी या अन्य चीज न लगाएं। हथेली जली है तो अंगूठी व घड़ी तत्काल निकाल दें। रुई या काटन का इस्तेमाल करने से बचें। अगर रुई का इस्तेमाल करते हैं तो चिपकने का डर रहता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
आंखों का रखें विशेष ख्याल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागध्यक्ष डॉ रामकुमार जायसवाल ने बताया कि अगर आंखों में चिंगारी चली जाए या पटाखे से जल जाए तो आंखों को पानी से साफ करें। इसके बाद तत्काल नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। अगर कॉटैक्ट लेंस पहनते हैं तो आंखों को पानी से साफ करने से पहले लेंस हटाना न भूलें। अगर चश्मा लगा रहे हैं तो उसे न हटाएं। चश्मा लगाते रहें।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि दिवाली पर आग से जलने के केस आने की आशंका रहती है। इस संबंध में तैयारियां पूरी हैं। बर्न वार्ड में 25 बेड तैयार किए गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कोविड वार्ड के बेड भी खाली हैं। डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि हर सीएचसी पर पांच-पांच बेड रिर्जव किए गए हैं। सभी डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एसी श्रीवास्तव ने बताया कि 20 बेड अलग से रिर्जव किए गए हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
हाथ और पैर सहित शरीर का जो भी हिस्सा झुलस जाए, उसे कुछ देर तक पानी में रखें। इससे फफोले नहीं पड़ेंगे। अगर शरीर का झुलसा अंग पानी में डुबा नहीं सकते तो उस स्थान पर कपड़ा भिगोकर रख दें। जलने या झुलसने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लें। खुद दवा का इस्तेमाल न करें।
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ये काम न करें
त्वचा पर फफोले पड़ गए हैं तो उसे फोड़े नहीं। ऐसा करने से जले हुए हिस्से में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जले हुए हिस्से पर मिट्टी या अन्य चीज न लगाएं। हथेली जली है तो अंगूठी व घड़ी तत्काल निकाल दें। रुई या काटन का इस्तेमाल करने से बचें। अगर रुई का इस्तेमाल करते हैं तो चिपकने का डर रहता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
आंखों का रखें विशेष ख्याल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागध्यक्ष डॉ रामकुमार जायसवाल ने बताया कि अगर आंखों में चिंगारी चली जाए या पटाखे से जल जाए तो आंखों को पानी से साफ करें। इसके बाद तत्काल नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। अगर कॉटैक्ट लेंस पहनते हैं तो आंखों को पानी से साफ करने से पहले लेंस हटाना न भूलें। अगर चश्मा लगा रहे हैं तो उसे न हटाएं। चश्मा लगाते रहें।