फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Dispute over making BJP MP kamlesh paswan director of Panacea hospital

भाजपा सांसद को पनेशिया का डायरेक्टर बनाने पर भिड़े दो पक्ष, कब्जा जमाने का लगा आरोप, अस्पताल सील

Tue, 23 Jun 2020 08:59 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 23 Jun 2020 08:59 AM IST
विज्ञापन
Dispute over making BJP MP kamlesh paswan director of Panacea hospital
पनेशिया अस्पताल के बाहर बवाल के दौरान लोगों को पकड़ कर ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।

भाजपा सांसद कमलेश पासवान को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाने को लेकर छात्रसंघ चौराहा स्थित पनेशिया अस्पताल के बाहर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। आमने-सामने हुए दो पक्षों के बीच तकरार के साथ ही झड़प और धक्का मुक्की भी हुई। दोनों ने एक-दूसरे पर अस्पताल पर कब्जे का आरोप लगाया।

विज्ञापन


इस बीच सांसद पासवान भी मौके पर पहुंचे और मुखालफत करने वालों को समझाने की कोशिश की, मगर बात नहीं बनी। पुलिस ने दोनों पक्षों से आठ लोगों को 107/116 के तहत पाबंद किया है। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मामले की सुनवाई होगी। वहीं देर रात डीएम ने अस्पताल को सील करवा दिया है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, पनेशिया हॉस्पिटल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष से डॉ. प्रमोद तो दूसरी तरफ से विजय पांडेय हैं। अस्पताल अभी डॉ. प्रमोद कुमार की देखरेख में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ.प्रमोद का दावा है कि 65 फीसदी हिस्सेदारी उनके पास है। अब अस्पताल का संचालन बेहतर हो, इस लिहाज से भाजपा सांसद कमलेश पासवान को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में जगह दी गई है। पासवान के पास पहले से अस्पताल चलाने का अनुभव है।

इसी दावे पर विजय पांडेय ने आपत्ति जताई। अस्पताल के बाहर आकर भाजपा सांसद को मनमाने तौर पर डायरेक्टर बनाने का आरोप लगाया। कहा कि सांसद को निदेशक बनाने का अधिकार डॉ. प्रमोद के पास नहीं है। इस बोर्ड में 13 लोग पहले से शामिल थे, जो कोई भी निर्णय ले सकते हैं।

आरोप लगाया कि सांसद को गलत तरीके से डायरेक्टर बनाकर अस्पताल पर कब्जा किया गया है। अब किसी को घुसने नहीं दिया जाएगा। इसी बात पर विजय पांडेय और डॉ. प्रमोद के पक्ष के बीच विवाद होने लगा। एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई।

हंगामा और नोकझोंक के बीच सांसद भी आए। इससे चौराहे पर भीड़ जुट गई। मामले की सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर रवि राय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ लोगों को बलपूर्वक गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए।

दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। वहीं डॉ प्रमोद ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ है, 35 हजार रुपये लूट लिए गए हैं।

इन्हें किया गया पाबंद

विजय पांडेय, अमरेश राय, गोपाल, आनंद सिंह और दूसरे पक्ष से डॉ. प्रमोद, प्रणव वशिष्ठ व मुन्नी सिंह को पुलिस ने पाबंद करते हुए अस्पताल पर बिना फैसला हुए ना जाने की बात कही है।

भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने बताया कि अस्पताल पर कब्जे और किसी को धमकाने का आरोप निराधार है। डॉ. प्रमोद की 65 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी सहमति से निदेशक बना हूं। अस्पताल डॉ. प्रमोद की देखरेख में ही चल रहा है, तो कब्जे का सवाल ही नहीं उठता।

लंबे समय से अस्पताल जा रहा हूं। सोमवार को भी गया था। मामला अदालत में चल रहा है। विजय पांडेय अदालत में नहीं लड़ पाए तो विवाद करने अस्पताल पर आ गए। इस विवाद में मुझको घसीटना गलत है। अब अस्पताल अच्छे से चल रहा है।

डायरेक्टर बोर्ड के संस्थापक सदस्य विजय कुमार पांडेय ने बताया कि सांसद कमलेश पासवान और उनकी पत्नी को डायरेक्टर की सूची में गलत तरीके से शामिल किया गया है। पुलिस प्रशासन सांसद के दबाव में काम कर रही है। सांसद अस्पताल आए और हम लोगों को धमकी देते हुए बाहर निकालने लगे। वे अस्पताल के अंदर ही रहे और हम लोगों को पुलिस थाने लेकर चली आई।

मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक कोर्ट का फैसला न हो, तब तक अस्पताल सील किया जाए। मुख्यमंत्री से मुलाकात करके अपनी बात कही थी। इसके बाद ही दोनों पक्षों को नोटिस देकर बुलाया गया था। मामले में सांसद का कृत्य समझ से परे है।
 
इंस्पेक्टर कैंट रवि राय ने बताया कि दोनों पक्ष के लोगों को पाबंद कर दिया गया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्ष को मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट के यहां आने को कहा है। तब तक यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed