{"_id":"6012566eddc21013f5794f0d","slug":"disclosed-14-birds-died-due-to-cold-in-gorakhpur-by-post-mortem-report","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इस वजह से गोरखपुर में हुई थी 14 पक्षियों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस वजह से गोरखपुर में हुई थी 14 पक्षियों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Thu, 28 Jan 2021 11:54 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Jan 2021 11:54 AM IST
विज्ञापन
मृत पक्षी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके के राप्तीनगर फेज फोर कॉलोनी में एक पार्क में पीपल के पेड़ के नीचे मृत पाए गए सभी 14 पक्षी ठंड से मरे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रूटीन डेथ की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में पानी नहीं पी पाने के चलते पक्षियों की मौत हो जाती है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम पार्क में टहलने गए लोगों ने पीपल के पेड़ के नीचे मृत पड़े पक्षियों को देखकर इसकी सूचना वार्ड के पार्षद को दी थी। पार्षद ने इसकी सूचना राजकीय पशु चिकित्सालय चरगांवा में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉ. साकेत श्रीवास्तव को दी।
विज्ञापन
डॉ. श्रीवास्तव ने तत्काल अपनी टीम के साथ आकर पक्षियों का नमूना लिया था और पोस्टमार्टम कराया गया। अब पक्षियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। जिसमें रूटीन डेथ आया है। अचानक पक्षियों के एक ही जगह मृत पाए जाने से लोगों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई थी।
विज्ञापन
इससे मोहल्ले के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि डॉक्टरों ने ठंड से ही मौत की आशंका जताई थी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पक्षियों की मौत ठंड के चलते हुई है। ठंड में वे पानी नहीं पी पाते हैं। जिससे उन्हें ठंड लग जाती है।
चिड़ियाघर से पांच पंक्षियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए
दूसरे जिलों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद जिले के चिड़ियाघर से पांच पंक्षियों के सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे गए हैं। मंगलवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह की निगरानी में सैंपल एकत्र किया गया।
डॉ. योगेश ने बताया कि दूसरे जिलों में बर्ड फ्लू के मामलों के मद्देनजर चिड़ियाघर प्रशासन ने यहां के वेटलैंड में पंक्षियों के नमूने को संकलित कर भारतीय अनुसंधान परिषद संस्थान (आईवीआरएफ) भेजने का फैसला किया था। सोमवार को ही नमूने भेजे जाने थे, लेकिन खराब मौसम होने की वजह से नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि भेजे गए सैंपल में प्रवासी व स्थानीय पक्षी भी शामिल हैं। रिपोेर्ट आने में कुछ वक्त लगेगा। उन्होंने बताया कि अभी गोरखपुर में बर्ड फ्लू का मामला नहीं पाया गया है। एहतियात के तौर पर लगातार जांच की जा रही है।
डॉ. योगेश ने बताया कि दूसरे जिलों में बर्ड फ्लू के मामलों के मद्देनजर चिड़ियाघर प्रशासन ने यहां के वेटलैंड में पंक्षियों के नमूने को संकलित कर भारतीय अनुसंधान परिषद संस्थान (आईवीआरएफ) भेजने का फैसला किया था। सोमवार को ही नमूने भेजे जाने थे, लेकिन खराब मौसम होने की वजह से नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि भेजे गए सैंपल में प्रवासी व स्थानीय पक्षी भी शामिल हैं। रिपोेर्ट आने में कुछ वक्त लगेगा। उन्होंने बताया कि अभी गोरखपुर में बर्ड फ्लू का मामला नहीं पाया गया है। एहतियात के तौर पर लगातार जांच की जा रही है।