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UP: 'अधिवक्ता के दो साल के बेटे को बताया दुष्कर्मी...', व्हाट्सएप पर किया ये काम; ऐसे बंद हुई जालसाज की बोलती
Tue, 28 Jan 2025 02:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Jan 2025 02:51 PM IST
सार
गोरखपुर में डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की गई, अधिवक्ता के दो साल के बेटे को दुष्कर्मी बताकर वसूली का प्रयास किया गया। अधिवक्ता और जालसाज के बीच आठ मिनट की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
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Digital arrest Attempt
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर के दीवानी कचहरी के एक अधिवक्ता को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। जालसाज ने अधिवक्ता को व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उनके बेटे को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसे बचाना चाहते हो तो 80 हजार भेजो। हालांकि अधिवक्ता ने जब यह कहा कि उनका बेटा दो साल का है तो जालसाज की बोलती बंद हो गई।
जालसाज ने गाली गलौज करते हुए फोन काट दिया। अधिवक्ता और जालसाज के बीच आठ मिनट की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कैंपियरगंज के मूल निवासी कुश कुमार सिंह शहर के घोष कंपनी में रहते हैं और दीवानी कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं।
अधिवक्ता ने अमर उजाला को बताया कि 24 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे मेरे पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के मामले में फंस गया है। यह बात सुनकर मैं समझ गया कि फोन करने वाला कोई जालसाज है, क्योंकि मेरा बेटा अभी दो साल का ही है। तब मैंने यह देखने के लिए कि वे किस हद तक जाते हैं, मैंने उससे बेटे से बात कराने को कहा।
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इस बीच दूसरी तरफ से किसी की पिटाई करने और रोने की आवाज आने लगी। इसके बाद कॉल करने वाले ने खुद को एसएचओ रवि चौहान बताते हुए कहा कि अपने बेटे को छुड़ाना है, उसका भविष्य बचाना है तो अभी मेरे साथ सात-आठ कांस्टेबल हैं, इनका खर्चा-पानी देना पड़ेगा। आपके बेटे को सुरक्षित छोड़ दूंगा।
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जालसाज ने गाली गलौज करते हुए फोन काट दिया। अधिवक्ता और जालसाज के बीच आठ मिनट की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कैंपियरगंज के मूल निवासी कुश कुमार सिंह शहर के घोष कंपनी में रहते हैं और दीवानी कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं।
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अधिवक्ता ने अमर उजाला को बताया कि 24 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे मेरे पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के मामले में फंस गया है। यह बात सुनकर मैं समझ गया कि फोन करने वाला कोई जालसाज है, क्योंकि मेरा बेटा अभी दो साल का ही है। तब मैंने यह देखने के लिए कि वे किस हद तक जाते हैं, मैंने उससे बेटे से बात कराने को कहा।
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इस बीच दूसरी तरफ से किसी की पिटाई करने और रोने की आवाज आने लगी। इसके बाद कॉल करने वाले ने खुद को एसएचओ रवि चौहान बताते हुए कहा कि अपने बेटे को छुड़ाना है, उसका भविष्य बचाना है तो अभी मेरे साथ सात-आठ कांस्टेबल हैं, इनका खर्चा-पानी देना पड़ेगा। आपके बेटे को सुरक्षित छोड़ दूंगा।
'आपको 80 हजार रुपये भेजने होंगे'
इस पर मैंने कहा कि जहां कहें वहां आ जाता हूं, बैठकर बात हो जाएगी। इस पर जालसाज ने कहा कि आने और मिलने के लिए समय चाहिए। इतना समय हमारे पास नहीं है। कमिश्नर साहब कह रहे हैं कि लड़के को लेकर मेरे पास ले आओ। जल्द से जल्द आपको 80 हजार रुपये भेजने होंगे।
इस पर मैंने कहा कि जहां कहें वहां आ जाता हूं, बैठकर बात हो जाएगी। इस पर जालसाज ने कहा कि आने और मिलने के लिए समय चाहिए। इतना समय हमारे पास नहीं है। कमिश्नर साहब कह रहे हैं कि लड़के को लेकर मेरे पास ले आओ। जल्द से जल्द आपको 80 हजार रुपये भेजने होंगे।
'रुपये ट्रांसफर नहीं हो पा रहे'
कुश ने बताया कि खुद को एसएचओ कहने वाले व्यक्ति ने मुझसे पूछा कि गूगल पे या फोन पे आप इस्तेमाल करते हैं? यह कहकर एक एक नंबर मुझे नोट कराया और उसपर रुपये भेजने के लिए बोला। मैंने कहा कि ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है, नेटवर्क में कुछ परेशानी है, ऑनलाइन पेमेंट नहीं हो पाएगा।
कुश ने बताया कि खुद को एसएचओ कहने वाले व्यक्ति ने मुझसे पूछा कि गूगल पे या फोन पे आप इस्तेमाल करते हैं? यह कहकर एक एक नंबर मुझे नोट कराया और उसपर रुपये भेजने के लिए बोला। मैंने कहा कि ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है, नेटवर्क में कुछ परेशानी है, ऑनलाइन पेमेंट नहीं हो पाएगा।
कहां मिलेंगे आप, वहीं आकर मैं कैश रुपये दे देता हूं। इसके लिए वह नहीं राजी हुआ और इधर-उधर की बातें करके मुझे डराने लगा। कुछ देर के बाद जब मैंने उससे कहा कि मेरे बेटे की उम्र दो साल है और वह मेरे पास है। तब झल्लाकर जालसाज ने गाली गलौज करते हुए फोन काट दिया। उन्होंने कहा कि मैंने जानबूझकर जालसाजों को परेशान किया, ताकि उन्हें सबक मिल सके।
जागरूक होना जरूरी, ऐसे कॉल की खुद जांच करें : एसपी क्राइम
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि साइबर क्राइम से बचने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सोशल मीडिया और अखबारों में भी ऐसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हैरानी है कि इसके बाद भी लोग डरकर जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि साइबर क्राइम से बचने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सोशल मीडिया और अखबारों में भी ऐसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हैरानी है कि इसके बाद भी लोग डरकर जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं।
जब भी कोई अनजान नंबर से कॉल करके ऐसी बातें करे तो खुद उसकी जांच करें। जालसाज मानसिक दबाव बनाते हैं, इससे निकलने के लिए आस-पास किसी से सलाह लें या हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके जानकारी दें। कभी भी पुलिस कॉल करके रुपये नहीं मांगती है।
पहले भी सामने आ चुके मामले
- 17 जनवरी 2025: बेतियाहाता में रहने वाले बुजुर्ग दंपती को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 32.66 लाख रुपये वसूल लिए।
- 10 अक्तूबर 2024: इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 34 हजार रुपये हड़प लिए। उसका जालसाजों ने अश्लील वीडियो भी बनाया।
- 13 मई 2024: सिविल लाइंस इलाके में एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख रुपये हड़प लिए।
- 31 जुलाई 2024: शाहपुर के एक सेवानिवृत व्यक्ति को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
- 15 जनवरी 2024: सिविल लाइंस में रहने वाले एक कंपनी के मैनेजर को 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14.96 लाख रुपये वसूल लिए।
- 17 जनवरी 2025: बेतियाहाता में रहने वाले बुजुर्ग दंपती को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 32.66 लाख रुपये वसूल लिए।
- 10 अक्तूबर 2024: इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 34 हजार रुपये हड़प लिए। उसका जालसाजों ने अश्लील वीडियो भी बनाया।
- 13 मई 2024: सिविल लाइंस इलाके में एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख रुपये हड़प लिए।
- 31 जुलाई 2024: शाहपुर के एक सेवानिवृत व्यक्ति को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
- 15 जनवरी 2024: सिविल लाइंस में रहने वाले एक कंपनी के मैनेजर को 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14.96 लाख रुपये वसूल लिए।