गोरखपुर विश्वविद्यालय: आसानी से होगा सत्यापन, दस्तावेजों के गायब होने का नहीं होगा डर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्याथियों को शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में परेशानी नहीं होगी। साथ ही अब प्रमाणपत्रों को साथ लेकर जाना भी नहीं पड़ेगा। विश्वविद्यालय का डीजी लॉकर एकाउंट सक्रिय हो गया है। वर्ष 2020 की समस्त डिग्रियां डीजी लॉकर पर अपलोड भी कर दी गई है।
अभी तक विद्यार्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन में महीनों लग जाते थे। वहीं अंक पत्र व प्रमाणपत्र को कहीं ले जाने में गायब होने का खतरा रहता था। शासन के निर्देश पर अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी डिजिलॉकर एकाउंट को सक्रिय कर दिया है। इस पहल से नैक मूल्यांकन में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को लाभ मिलेगा। शैक्षिक प्रमाण पत्रों के डिजिटलाईजेशन पर सरकार का फोकस है।
डिजीलॉकर अकाउंट खोलने में आधार कार्ड अनिवार्य
डिजिटल लॉकर विद्यार्थियों का वर्चुअल लॉकर है। इसका इस्तेमाल कर अपने दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। डिजीलॉकर में एक अकाउंट खोलना होगा, जिसके लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है।
इस डिजीलॉकर में डीएल यानी ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट आदि तो स्टोर कर ही सकते हैं, इनके अलावा सरकारी प्रमाण-पत्र भी स्टोर कर सकते हैं।