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Gorakhpur News: आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर, पीड़िता पर बना रहा केस वापसी के लिए दबाव
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देवरिया। सात दिन बाद भी यौन शोषण का आरोपी जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया फरार है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश देने के बजाय आरोपी का कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का इंतजार कर रही है।
जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य के पति को बचाने के लिए सत्ताधारी दल के कुछ लोग लगे हुए हैं। रोजाना कोई न कोई पीड़िता के घर पहुंचकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा हैं। मना करने पर देख लेने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता ने इसके बारे में एसपी विक्रांत वीर को उनके मोबाइल फोन पर जानकारी भी दी है। एसपी ने कहा कि आज शाम तक गिरफ्तारी नहीं होती है तो आरोपी पर इनाम घोषित किया जाएगा।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला व जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिर दर्द बन गई है। सातवें दिन भी एसपी विक्रांत वीर की गठित टीम और एसओजी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस गिरफ्तारी करने के बजाय अब उसके कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के इंतजार में बैठी है। मंगलवार को एसपी की गठित टीम और एसओजी टीम अलग-अलग जगहों पर न्यायालय के इर्द-गिर्द नजर आई।
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पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य के पति के परिजन पीड़िता के घर जाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। इससे पूरा परिवार भयभीत है। पीड़िता ने इसकी जानकारी एसपी को दी है। इसके बावजूद सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई है।
पीड़िता के पिता का आरोपी है कि जिला पंचायत सदस्य के आरोपी पति ने उसकी 17 वर्षीय बेटी को सोनूघाट चौराहे पर छह मार्च को टॉफी में नशीली दवा खिला दी थी। जब वह बेहोश हो गई तो देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल ले जाकर जबरन यौन शोषण किया था।
मनबढ़ की धमकी की वजह से किशोरी सहम गई थी। मां के बार-बार पूछने पर उसने आपबीती बताई थी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने सदर कोतवाली में जिला पंचायत सदस्य के पति पर पाॅस्को एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।
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जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य के पति को बचाने के लिए सत्ताधारी दल के कुछ लोग लगे हुए हैं। रोजाना कोई न कोई पीड़िता के घर पहुंचकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा हैं। मना करने पर देख लेने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता ने इसके बारे में एसपी विक्रांत वीर को उनके मोबाइल फोन पर जानकारी भी दी है। एसपी ने कहा कि आज शाम तक गिरफ्तारी नहीं होती है तो आरोपी पर इनाम घोषित किया जाएगा।
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सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला व जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिर दर्द बन गई है। सातवें दिन भी एसपी विक्रांत वीर की गठित टीम और एसओजी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस गिरफ्तारी करने के बजाय अब उसके कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के इंतजार में बैठी है। मंगलवार को एसपी की गठित टीम और एसओजी टीम अलग-अलग जगहों पर न्यायालय के इर्द-गिर्द नजर आई।
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पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य के पति के परिजन पीड़िता के घर जाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। इससे पूरा परिवार भयभीत है। पीड़िता ने इसकी जानकारी एसपी को दी है। इसके बावजूद सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई है।
पीड़िता के पिता का आरोपी है कि जिला पंचायत सदस्य के आरोपी पति ने उसकी 17 वर्षीय बेटी को सोनूघाट चौराहे पर छह मार्च को टॉफी में नशीली दवा खिला दी थी। जब वह बेहोश हो गई तो देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल ले जाकर जबरन यौन शोषण किया था।
मनबढ़ की धमकी की वजह से किशोरी सहम गई थी। मां के बार-बार पूछने पर उसने आपबीती बताई थी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने सदर कोतवाली में जिला पंचायत सदस्य के पति पर पाॅस्को एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।