डॉक्टर की सलाह: एक चम्मच साफ पानी में भी पनप सकता है डेंगू का मच्छर, ऐसे करें खुद की रक्षा
कूलर, गमले, फ्रीज ट्रे और टायर आदि में जमा न होने दें साफ पानी, बारिश के मौसम में बढ़ जाती है इन मच्छरों के पनपने की आशंका।
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कोरोना से लड़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के प्रति भी लोगों को सतर्क किया है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने लोगों से अपील की है कि बरसात के इस मौसम में एक चम्मच साफ पानी भी इकट्ठा न होने दें। कूलर, गमले, फ्रिज ट्रे, टायर, ट्यूब, नाद आदि हर छोटी-बड़ी जगह की जांच करके ठहरा हुआ पानी साफ कर दें। मानसून में ऐसे ही साफ पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं।
सीएमओ ने बताया कि डेंगू का मच्छर केवल साफ पानी में पनपता है। इसका वाहक एडीज मच्छर दिन के समय काटता है। पिछले साल सतर्कता बरते जाने के कारण डेंगू के सिर्फ छह मामले ही जिले में सामने आए। अच्छी बात यह है कि पिछले दो वर्षों से डेंगू के कारण जिले में कोई मौत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि अगर जिले के किसी भी निजी अस्पताल या फिर लैब में डेंगू का मामला सामने आता है तो उसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय को अवश्य दें। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
बुखार का चौथे से सातवां दिन खतरनाक
एसीएओ व नोडल अधिकारी वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. एके चौधरी ने बताया कि डेंगू के सामान्य मामलों में बुखार का चौथा से सातवां दिन बेहद खतरनाक होता है। पहले दिन से लेकर पांच दिन तक सिर्फ एनएसवन टेस्ट पॉजिटिव आता है जबकि पांच दिनों के बाद एलाइजा टेस्ट पॉजिटिव आता है।
बताया कि डेंगू मादा एडिज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के पांच से छह दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। डेंगू के सबसे खतरनाक लक्षणों में हड्डियों का दर्द शामिल है। इसी वजह से डेंगू बुखार को ‘हड्डीतोड़ बुखार’ के नाम से भी जाना जाता है।