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Gorakhpur News: वेतन कटौती और 25 लाख की वसूली रोकने की मांग
Fri, 02 Oct 2026 03:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 02 Oct 2026 03:03 AM IST
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गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में वरिष्ठ लेखाकार राज कुमार यादव के वेतन निर्धारण और करीब 25 लाख रुपये की प्रस्तावित वसूली का मामला सामने आया है। पीआरकेएस ने महाप्रबंधक को पत्र भेजकर वेतन कटौती रोकने और वर्ष 2020 में सक्षम अधिकारी के आदेश से किए गए वेतन निर्धारण को बहाल करने की मांग की है।
पत्र के अनुसार राज कुमार यादव की नियुक्ति 14 अप्रैल 1986 को खेल कोटे में हुई थी। वर्ष 1987 में चतुर्थ वेतन आयोग लागू होने पर उनका वेतन 1320 रुपये तय हुआ, जबकि समान परिस्थितियों में कुछ अन्य कर्मचारियों का वेतन 1500 रुपये निर्धारित किया गया था। वेतन विसंगति का मामला उठाए जाने के बाद मुख्य कार्मिक अधिकारी के 18 जून 2020 के आदेश से उनका वेतन 1500 रुपये पर पुनर्निर्धारित किया गया था। इसके बाद एरियर समेत वेतन भुगतान होता रहा।
यूनियन का कहना है कि अब सेवानिवृत्ति से पहले वेतन घटाने के साथ करीब 25 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। पत्र में कहा गया है कि कर्मचारी ने कोई गलत तथ्य या धोखाधड़ी नहीं की है। ऐसे में रेलवे बोर्ड के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही वर्ष 2020 की फाइल और नोटशीट की समीक्षा और समान कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच कराने की मांग की गई है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने महाप्रबंधक से अंतिम निर्णय से पहले कर्मचारी को पक्ष रखने का अवसर देने और वेतन, पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में कटौती नहीं करने की मांग की है।
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पत्र के अनुसार राज कुमार यादव की नियुक्ति 14 अप्रैल 1986 को खेल कोटे में हुई थी। वर्ष 1987 में चतुर्थ वेतन आयोग लागू होने पर उनका वेतन 1320 रुपये तय हुआ, जबकि समान परिस्थितियों में कुछ अन्य कर्मचारियों का वेतन 1500 रुपये निर्धारित किया गया था। वेतन विसंगति का मामला उठाए जाने के बाद मुख्य कार्मिक अधिकारी के 18 जून 2020 के आदेश से उनका वेतन 1500 रुपये पर पुनर्निर्धारित किया गया था। इसके बाद एरियर समेत वेतन भुगतान होता रहा।
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यूनियन का कहना है कि अब सेवानिवृत्ति से पहले वेतन घटाने के साथ करीब 25 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। पत्र में कहा गया है कि कर्मचारी ने कोई गलत तथ्य या धोखाधड़ी नहीं की है। ऐसे में रेलवे बोर्ड के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही वर्ष 2020 की फाइल और नोटशीट की समीक्षा और समान कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच कराने की मांग की गई है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने महाप्रबंधक से अंतिम निर्णय से पहले कर्मचारी को पक्ष रखने का अवसर देने और वेतन, पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में कटौती नहीं करने की मांग की है।
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