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राहत: गोरक्षनगरी में कम हो गई ऑक्सीजन की मांग, सिलिंडर भरवाने वालों की नहीं लग रही कतार
Sat, 15 May 2021 12:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 15 May 2021 12:21 PM IST
सार
पहले मोदी केमिकल्स में रोजाना 4600 सिलिंडर की मांग थी, अब घटकर रह गई 3700। रामनगरी से पहुंची मोदी केमिकल्स की मशीन, गीडा की फैक्ट्रियों में उत्पादन करना पड़ रहा है बंद।
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गोरखपुर ऑक्सीजन प्लांट।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर शहर में गंभीर मरीजों की संख्या में कमी आई है। नतीजतन गोरक्षनगरी में ऑक्सीजन की मांग भी कम हो गई। अब गीडा के चारों ऑक्सीजन प्लांटों में होम आइसोलेशन वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने वालों की कतार न के बराबर रह गई है। अस्पतालों में भी पहले की तुलना में कुछ कम ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई हो रही है। जिसकी वजह से गीडा की फैक्ट्रियों में कई बार उत्पादन बंद करना पड़ रहा है।
होम आइसोलेशन के मरीजों के अलावा अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस की मांग कम होने की वजह से अब मोदी केमिकल्स में रोजाना 3700 ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग हो रही है। आरके ऑक्सीजन प्लांट पर भी लोगों की कतार तकरीबन समाप्त हो चुकी है। बता दें, मोदी केमिकल्स के तीन ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनकी क्षमता करीब 4600 ऑक्सीजन सिलिंडर रोजाना की है। कुछ ही दिन पहले मोदी केमिकल्स ने अयोध्या से ऑक्सीजन प्लांट की मशीन को गोरखपुर शिफ्ट किया है।
निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया कि अयोध्या से मशीन आने के बाद ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग की क्षमता बढ़कर 4600 हो गई है, लेकिन मांग कम होने की वजह से अब रोजाना 3600-3700 ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग हो पा रही है। प्लांट से आकर ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने वालों की भी संख्या काफी कम हो गई है। ऐसे में कई बार प्लांट को बंद भी करना पड़ता है।
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होम आइसोलेशन के मरीजों के अलावा अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस की मांग कम होने की वजह से अब मोदी केमिकल्स में रोजाना 3700 ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग हो रही है। आरके ऑक्सीजन प्लांट पर भी लोगों की कतार तकरीबन समाप्त हो चुकी है। बता दें, मोदी केमिकल्स के तीन ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनकी क्षमता करीब 4600 ऑक्सीजन सिलिंडर रोजाना की है। कुछ ही दिन पहले मोदी केमिकल्स ने अयोध्या से ऑक्सीजन प्लांट की मशीन को गोरखपुर शिफ्ट किया है।
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निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया कि अयोध्या से मशीन आने के बाद ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग की क्षमता बढ़कर 4600 हो गई है, लेकिन मांग कम होने की वजह से अब रोजाना 3600-3700 ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग हो पा रही है। प्लांट से आकर ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने वालों की भी संख्या काफी कम हो गई है। ऐसे में कई बार प्लांट को बंद भी करना पड़ता है।
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पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित मेडिकल उपकरण सौंपा
आरके ऑक्सीजन के निदेशक अजय जायसवाल ने बताया कि प्लांट में अब लोगों की भीड़ लगभग खत्म हो चुकी है। पहले रोजाना 200 से 250 सिलिंडरों की रिफिलिंग करनी पड़ती थी। अब यह संख्या कम होकर 30 से 40 के आसपास रह गया है। अस्पतालों में भी पहले की तुलना में सप्लाई कम हो गई है। जहां पहले रोजाना 900 सिलिंडरों की रिफिलिंग होती थी, अब कम होकर 600 से 650 रह गई है।
आक्सफैम इंडिया व मानव सेवा संस्थान, सेवा की ओर से शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,100 पीपीई किट,1500 मास्क, 300 एन-95 मास्क, ग्लब्स, साबुन, सैनिटाइजर किट आदि दिया गया। आक्सफैम इंडिया की कोऑर्डिनेटर पूनम एवं मानव सेवा संस्थान, सेवा के राजेश मणि ने इसे सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी डा. एके पांडेय को सौंपा। पूनम ने बताया कि आगे स्वास्थ्य विभाग और मानव सेवा संस्थान, सेवा के साथ संयुक्त रूप से कार्य करने की योजना भी है। फ्रंट लाइन वर्कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से गांवों में काम करेंगे।
आक्सफैम इंडिया व मानव सेवा संस्थान, सेवा की ओर से शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,100 पीपीई किट,1500 मास्क, 300 एन-95 मास्क, ग्लब्स, साबुन, सैनिटाइजर किट आदि दिया गया। आक्सफैम इंडिया की कोऑर्डिनेटर पूनम एवं मानव सेवा संस्थान, सेवा के राजेश मणि ने इसे सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी डा. एके पांडेय को सौंपा। पूनम ने बताया कि आगे स्वास्थ्य विभाग और मानव सेवा संस्थान, सेवा के साथ संयुक्त रूप से कार्य करने की योजना भी है। फ्रंट लाइन वर्कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से गांवों में काम करेंगे।