{"_id":"653abb6ca55b781dcb09cbf4","slug":"debris-of-buildings-will-be-used-in-construction-works-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-349678-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: इमारतों के मलबे का निर्माण कार्यों में होगा उपयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: इमारतों के मलबे का निर्माण कार्यों में होगा उपयोग
Fri, 27 Oct 2023 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 27 Oct 2023 12:48 AM IST
विज्ञापन
0- पुरानी इंटरलाकिंग ईंट, जमी सीमेंट, गिट्टी का ब्लाॅक व अन्य सामान का किया जाएगा उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इमारतों या सड़कों को बनाने या ध्वस्त करने के दौरान निकलने वाले मलबे का इस्तेमाल सड़क की मरम्मत में होगा। पुरानी इंटरलाकिंग ईंट, जमी सीमेंट और गिट्टी के ब्लाॅक, पुरानी ईंट काे प्लांट के माध्यम से दोबारा उपयोग लायक बनाया जाएगा। री-साइकिल्ड मलबे का इस्तेमाल सड़कों की मरम्मत में हो सकेगा। कोल्ड माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सड़कों की सरफेसिंग भी की जा सकेगी।
महानगर में निर्माण व विध्वंस से निकलने वाले मलबे का दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट निवारण प्लांट (सीएंडडी वेस्ट प्लांट) का सिविल कार्य लगभग पूरा हो गया है। प्लांट में मशीनें भी लगाई जा चुकी हैं। 265 लाख की लागत से महेसरा में प्लांट लगाया गया है। जिसकी क्षमता 50 मीट्रिक टन रोजाना है।
इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम ने टेंडर हासिल करने वाली फर्म को दिया है। उप नगर आयुक्त डाॅ. मणि भूषण तिवारी ने बताया कि प्लांट से जुड़ी सभी मशीनों को इंस्टाल किया जा चुका है। प्रशासनिक भवन के भूतल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रथम तल का कार्य अंतिम चरण में है। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी पूरा हो गया है। साथ ही पौधरोपण भी कराया जा चुका है। बिजली केबल बिछाने का कार्य तेजी से हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इमारतों या सड़कों को बनाने या ध्वस्त करने के दौरान निकलने वाले मलबे का इस्तेमाल सड़क की मरम्मत में होगा। पुरानी इंटरलाकिंग ईंट, जमी सीमेंट और गिट्टी के ब्लाॅक, पुरानी ईंट काे प्लांट के माध्यम से दोबारा उपयोग लायक बनाया जाएगा। री-साइकिल्ड मलबे का इस्तेमाल सड़कों की मरम्मत में हो सकेगा। कोल्ड माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सड़कों की सरफेसिंग भी की जा सकेगी।
महानगर में निर्माण व विध्वंस से निकलने वाले मलबे का दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट निवारण प्लांट (सीएंडडी वेस्ट प्लांट) का सिविल कार्य लगभग पूरा हो गया है। प्लांट में मशीनें भी लगाई जा चुकी हैं। 265 लाख की लागत से महेसरा में प्लांट लगाया गया है। जिसकी क्षमता 50 मीट्रिक टन रोजाना है।
विज्ञापन
इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम ने टेंडर हासिल करने वाली फर्म को दिया है। उप नगर आयुक्त डाॅ. मणि भूषण तिवारी ने बताया कि प्लांट से जुड़ी सभी मशीनों को इंस्टाल किया जा चुका है। प्रशासनिक भवन के भूतल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रथम तल का कार्य अंतिम चरण में है। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी पूरा हो गया है। साथ ही पौधरोपण भी कराया जा चुका है। बिजली केबल बिछाने का कार्य तेजी से हो रहा है।
विज्ञापन